इंटरमीडिएट में फतेहपुर की दिव्यांशी ने किया टाप, दूसरे स्थान पर प्रयागराज की अंशिका
इंटरमीडिएट में फतेहपुर की दिव्यांशी ने किया टाप

इंटरमीडिएट में फतेहपुर की दिव्यांशी ने किया टाप, दूसरे स्थान पर प्रयागराज की अंशिका

इंटरमीडिएट में फतेहपुर की दिव्यांशी ने किया टाप, दूसरे स्थान पर प्रयागराज की अंशिका

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad) ने आज यूपी बोर्ड कक्षा 12 के परिणाम (UP Board 12th Results 2022) घोषित कर दिए हैं. इंटरमीडिएट में 85.33 फीसदी बच्चों ने परीक्षा पास की है. इसमें 81.21 फीसदी लड़के और 90.01 फीसदी लड़कियां पास हुई हैं. फतेहपुर की रहने वाली दिव्यांशी (Divyanshi) इस बार यूपी बोर्ड 12वीं के टॉपर बनी हैं. दिव्यांसी ने 12वीं की परीक्षा में 95.4 फीसदी

वहीं, दूसरे नंबर पर प्रयागराज की अंशिका यादव (Anshika Yadav) ने टॉप किया है. अंशिका ने 95 फीसदी अंक लाकर दूसरे स्थान पर हैं. जबकि, तीसरे स्थान पर बाराबंकी के योगेश प्रताप (Yogesh Pratap) हैं. इनका भी नंबर 95 फीसदी ही है.

यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में लड़कियों ने बाजी मारी है. इंटरमीडिएट में 85.33 फीसदी बच्चों ने परीक्षा पास की है. इसमें 81.21 फीसदी लड़के और 90.01 फीसदी लड़कियां पास हुई हैं.

यूपीएमएसपी (UPMSP) इंटरमीडिएट का परिणाम आज शाम 4 बजे घोषित किया गया. कक्षा 12 के उम्मीदवार यूपीएमएसपी की आधिकारिक साइट upmsp.edu.in पर अपने संबंधित परिणाम देख सकते हैं. रिजल्ट का लिंक upresults.nic.in पर भी उपलब्ध है.

इस साल राज्य में कक्षा 10, 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 51 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था. इसमें से यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 24 लाख 11 हजार 35 छात्रों ने अपना पंजीकरण करवाया था, जिसमें से कुल 22,50,742 छात्र उपस्थित थे. वहीं, किसी वजह से 1 लाख 60 हजार 293 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे.

इस साल कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा 24 मार्च से 13 अप्रैल, 2022 तक राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. बोर्ड ने आज यूपी बोर्ड मुख्यालय में आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिणाम की घोषणा की. उम्मीदवार यूपीएमएसपी की आधिकारिक साइट के माध्यम से अधिक संबंधित विवरणों की जांच कर सकते हैं.

UPMSP बोर्ड परीक्षा 2022 में कुछ प्रश्न पाठ्यक्रम के कम भागों से पूछे गए थे और कुछ में अन्य कमियां थीं. इस वजह से बोर्ड ने उन सवालों में छात्रों को पूरे अंक देने का फैसला किया है.