नोएडा श्रमिक हिंसा: 'शाहीन बाग' जैसी साजिश का शक, डीजीपी और एडीजी खुद संभाल रहे कमान
DGP and ADG Personally Taking Command
डीजीपी बोले बाहरी तत्वों व हिंसा भड़काने वालों पर है पुलिस की नजर
कंट्रोल रूम से डीजीपी व एडीजी कानून व्यवस्था कर रहे सीधी निगरानी
नोएडा में बाहरी तत्वों के हिंसा फैलाने की आशंका, जांच में जुटी पु़लिस
शाहीन बाग जैसा आंदोलन खड़ा करने की साजिश रचने का जताया जा रहा शक
लखनऊ। DGP and ADG Personally Taking Command, नोएडा में सड़कों पर उतरे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने स्पष्ट कहा है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है।
श्रमिक आंदोलन के अचानक उग्र होने के पीछे बाहरी तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। संदेह जताया जा रहा है कि जिस तरह सीएएए-एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग आंदोलन हुआ था, उसी तर्ज पर इस आंदोलन को भी बड़ा बनाने की साजिश रची जा रही है। इसके चलते प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है।
राजीव कृष्णा ने कहा है कि बाहरी लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बीच, डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से नोएडा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचने की भी हिदायत दी गई है।
नोएडा (फेज-2) में सोमवार को वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर हजारों औद्योगिक श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिससे अराजकता फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसक भीड़ के कारण सेक्टर-62 और डीएनडी मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया।