लखनऊ में साइबर ठगों का तांडव: प्रोफेसर और डॉक्टर समेत 6 लोगों से 21 लाख की लूट
Cyber Crooks Run Rampant in Lucknow
लखनऊ। Cyber Crooks Run Rampant in Lucknow, साइबर जालसाजों ने प्रोफेसर समेत छह लोगों के खातों से 21 लाख रुपये पार कर दिए। क्रिप्टो में ट्रेडिंग का झांसा दिया तो कहीं मोबाइल हैक व एप डाउनलोड कराकर ठगी की। साइबर ठगी के यह मामले गोसाईंगंज, पीजीआई, कैसरबाग, तालकटोरा, विभूतिखंड व सरोजनीनगर के हैं। पुलिस सभी मामलों को दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच कर रही है।
गोसाईंगंज निवासी प्रोफेसर अनुज कुमार पटेल ने बताया कि फेसबुक पर चार दिसंबर को श्रुति खन्ना नाम की आइडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। मैसेंजर पर चैटिंग के दौरान वाट्सएप नंबर शेयर कर बात की गई। जालसाज युवती ने क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग का झांसा देकर डीमैट अकाउंट खुलवाया। उसके बाद यूएसडीटी खरीदने के लिए क्यूआर कोड भेजकर 7.69 लाख रुपये जमा कराए गए। वेबसाइट लागिन न होने पर पीड़ित अनुज ने छानबीन की तो ठगी का पता चला।
पीड़ित ने गोसाईंगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। वही, पीजीआई के पंचमखेड़ा निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नौ मार्च की सुबह मोबाइल के स्क्रीन पर कुछ दिख नहीं रहा था। करीब एक घंटे बाद मोबाइल आन हुआ। इसी दौरान मैसेज आया तो पता चला कि खाते से दो बार में 1.49 लाख रुपये निकले हैं।
उधर, लालबाग स्थित बीसीसी रेजीडेंसी निवासी डॉ. ज्योति आहूजा का बचत खाता बैंक आफ इंडिया में है। साइबर जालसाज ने उनके खाते से चार दिन में 3,34,729 रुपये पार कर दिए। इसके अलावा राजाजीपुरम ई-ब्लाक निवासी 67 वर्षीय अधिवक्ता आनंद किशोर सक्सेना का खाता एचडीएफसी बैंक में है। साइबर जालसाज ने 17 जनवरी को उनके खाते से 2,28,900 रुपये गायब कर दिए। पासबुक अपडेट करने पर पता चला कि रुपये पटना में वकील ऋषिदेव के खाते में गए हैं।
वहीं, विभूतिखंड के वास्तुखंड-2 निवासी रितेश शर्मा ने बताया कि एक एप डाउनलोड करने पर जालसाज ने 1,18,154 रुपये ऐंठ लिए। उधर, सरोजनीनगर के आजादनगर निवासी कुसुम पांडेय ने बताया कि जालसाज ने न्यू बेरी ग्रुप पर जोड़ा। आइपीओ पर निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। मुनाफा देख पीड़िता ने विड्राल का प्रयास किया तो ठगी का एहसास हुआ।