हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक बिजली महंगी: 10 श्रेणियों पर लगा ₹1 का अतिरिक्त सेस, जानें नया गणित
Commercial Electricity Becomes Costlier in Himachal Pradesh
शिमला। हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब महंगी बिजली मिलेगी। प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सेस लगाने का निर्णय लिया है।
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 10 श्रेणियों के उपभोक्ताओं से बिजली खपत पर एक रुपये प्रति यूनिट की दर से अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा। यह आदेश लागू कर दिया है। व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए अभी 6.20 से लेकर 6.39 रुपये प्रति यूनिट बिजली की दर है।
अब एक रुपये बढ़ोतरी के साथ 7.39 रुपये प्रति यूनिट तक की दर से मिलेगी। यह सेस उन संस्थानों व प्रतिष्ठानों पर लागू होगा जो व्यावसायिक श्रेणी में बिजली का उपयोग कर रहे हैं। इसमें बिजनेस हाउस, निजी कार्यालय, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, होटल और मोटल, निजी नर्सिंग होम, निजी शोध संस्थान, निजी कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स शामिल हैं।
ऊर्जा विभाग के सचिव राकेश कंवर की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर सभी संबंधित विभागों और बिजली बोर्ड को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक निश्शुल्क बिजली मिलती है। 126 यूनिट से अधिक पर 5.89 रुपये प्रति यूनिट व 85 रुपये निर्धारित शुल्क वसूला जाता है। सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त सेस से प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
इससे विभिन्न सामाजिक योजनाओं तथा आधारभूत ढांचे के विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। होटल कारोबार, निजी स्वास्थ्य संस्थानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों का मानना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर सीधे संचालन लागत पर पड़ेगा, जिसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
दो लाख से ज्यादा होंगे प्रभावित राज्य
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता प्रभावित होंगे। हालांकि सीधे तौर पर घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं, लेकिन कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक संस्थान, होटल से लेकर अन्य संस्थानों की बिजली दरों में बढ़ोतरी का परोक्ष रूप से आम परिवारों के बजट पर भी असर दिखेगा।
उपभोक्ताओं से पहले लिए जा रहे दो तरह के सेस
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं से दो तरह के सेस लिए जा रहे हैं। पहला मिल्क सेस है, जिसके तहत दुग्ध विकास के लिए घरेलू उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट 10 पैसे वसूले जाते हैं। दूसरा पर्यावरण सेस है, जो उपभोक्ता श्रेणी के अनुसार अलग-अलग दरों पर लिया जाता है। इसकी दर दो पैसे से लेकर छह रुपये तक है।
पंजाब
500 यूनिट तक 6.10 रुपये।
500 यूनिट से अधिक 7.10 रुपये।
हरियाणा
500 यूनिट तक 6.50 रुपये।
1000 यूनिट तक 7.15 रुपये।
1000 यूनिट से अधिक 7.50 रुपये।
जम्मू-कश्मीर
100 यूनिट तक 3.55 रुपये।
101 से 200 यूनिट तक 3.55 रुपये।
201 से 500 यूनिट तक 5.40 रुपये।
501 यूनिट से अधिक 5.85 रुपये।