नारी शक्ति वंदन विधेयक पर यूपी में सियासी घमासान, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा तीखा निशाना
CM Yogi Launches Sharp Attack on Opposition
लखनऊ। CM Yogi Launches Sharp Attack on Opposition, भारतीय जनता पार्टी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित न हो पाने पर विपक्ष पर भाजपा आक्रामक रूप से हमलावर हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर जमकर बरसे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि संसद में संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान विरोधी दलों का चरित्र भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा था। यह महिला सम्मान एवं लोकतंत्र दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। विरोधियों के पास अपने पाप के प्रायश्चित का अवसर था, लेकिन उन्होंने विरोध कर अपना वास्तविक चेहरा फिर सबके सामने ला दिया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग उठाने पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संविधान की दुहाई देने वालों को यह पता होना चाहिए कि बाबा साहब का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग खारिज करता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि ‘एक विभाजन हो गया है, अब देश दूसरा विभाजन नहीं होने देगा’। सरदार वल्लभ भाई पटेल समेत सभी लोगों ने भी विरोध किया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की बात कहते हुए सपा को गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस समेत सभी विरोधी दलों से पूछा कि जब शाहबानो के अधिकारों को खत्म किया गया तब सब कहां थे। उन्होंने कहा कि तीन तलाक खत्म करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के पाप का परिमार्जन किया था।
कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस एवं डीएमके जैसे दलों ने हर विकासपरक कदम का विरोध किया है। कहा कि इन दलों के खिलाफ प्रति आधी आबादी में भारी आक्रोश है। सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनयिम 2023 में पारित हो गया था, लेकिन कई सामाजिक एवं महिला संगठनों ने इस अधिनियम को 2034 के बजाय 2029 से लागू करने की मांग की। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से बात की। 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ सीटें भी बढ़ाने की बात कही गई।
दक्षिण भारत के राज्यों की आशंका दूर करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत उत्तर, पूर्व एवं दक्षिण में सीटें बढ़ेंगी, लेकिन 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद के विशेष अधिवेशन में विरोधी दलों का व्यवहार चिंताजनक रहा।
सीएम ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ कर दिया था कि इस देश में ‘गरीब, महिला, युवा एवं किसान’ के रूप में सिर्फ चार जातियां हैं। मोदी सरकार ने बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जरिए लिंगानुपात सुधारा। बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चला।
कन्या सुमंगला योजना, मातृवंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला, शौचालय, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन योजना, एक जिला-एक उत्पाद स्टार्ट अप समेत कई योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाइ गईं या प्रगति के लिए उन्हें विशेष वरीयता दी गई।
उत्तर प्रदेश में नौ वर्ष में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या 10 हजार से 44 हजार तक पहुंचा दिया। कहा कि आज संसद में 75 महिलाएं हैं यानी 15 प्रतिशत, जिसे विधेयक के मोदी सरकार 33 प्रतिशत से आगे ले जाना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि महिलाएं विरोधी दलों का पाप सबके सामने लाएंगी। भाजपा एवं एनडीए के घटक दल कदम से कदम मिलाकर साथ चलेंगे। कार्यक्रम में केंद्र सरकार में मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राज्य सरकार में मंत्री संजय निषाद, ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य, पूर्व सांसद प्रियंका रावत, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव व महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई अन्य की उपस्थिति रही।
17 अप्रैल काला दिवस : अन्नपूर्णा देवी
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। प्रदेश भाजपा कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाया है। इन दलों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति अपनाया। 17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही थी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर चर्चा सार्थक रही, लेकिन विपक्ष ने अड़ंगा लगाया।
महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा एनडीए सरकार ने दिया। सपा पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति करते हैं जिन्हें जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।