सीएम योगी ने टॉपर्स को बांटे ₹1-1 लाख और टैबलेट, कहा— "इंटरव्यू में फालोअर्स नहीं, व्यावहारिक ज्ञान देखा जाता है"

सीएम योगी ने टॉपर्स को बांटे ₹1-1 लाख और टैबलेट, कहा— "इंटरव्यू में फालोअर्स नहीं, व्यावहारिक ज्ञान देखा जाता है"

CM Yogi distributed ₹1 lakh each and tablets to toppers

CM Yogi distributed ₹1 lakh each and tablets to toppers,

लखनऊ। CM Yogi distributed ₹1 lakh each and tablets to toppers, लोकभवन का सभागार उस समय तालियों से गूंज उठा, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश स्तर पर टाप-10 में स्थान बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

विद्यार्थियों के चेहरे पर सफलता की चमक थी तो अभिभावकों की आंखों में गर्व झलक रहा था। मुख्यमंत्री ने छात्रों को सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में शार्टकट नहीं, बल्कि परिश्रम ही आगे बढ़ाता है।

विद्यार्थियों को इंटरनेट मीडिया के आकर्षण से सावधान रहने और समाचार पत्र पढ़कर व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने की सलाह दी। कहा कि आज के समय में इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध अधिकांश सामग्री सही नहीं होती। इसलिए विद्यार्थियों को अपना बहुमूल्य समय वहां अधिक नहीं गंवाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि किसी भी नौकरी के इंटरव्यू में यह नहीं पूछा जाएगा कि आपके कितने फालोअर्स हैं। वहां आपकी समझ, व्यक्तित्व, प्रस्तुति और व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है।

सोमवार को राज्य स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की विभिन्न शिक्षा परिषदों के टाप-10 में शामिल विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

उनके अभिभावकों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी शॉल देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यालय का अनुशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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उन्होंने कहा कि आजकल कई अभिभावक छोटे बच्चों को शांत कराने के लिए मोबाइल फोन थमा देते हैं, जिसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। बच्चों को मोबाइल की बजाय पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है। कहा कि भारत को विश्व में सम्मान दिलाने का सबसे बड़ा आधार यहां की ज्ञान परंपरा रही है। नौ वर्ष पहले शिक्षा व्यवस्था की स्थिति अलग थी।

नकल माफिया सक्रिय थे, विद्यालयों में संसाधनों की कमी थी और शिक्षकों के पद रिक्त पड़े थे। आज विद्यालयों का स्वरूप बदला है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं। परीक्षा प्रणाली पर कहा कि प्रश्नपत्र ऐसे नहीं होने चाहिए जो विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से परेशान करें। प्रश्न ऐसे हों जिन्हें विद्यार्थी अपनी स्वाभाविक बुद्धि और समझ से हल कर सकें।

शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना होना चाहिए, हतोत्साहित करना नहीं। उन्होंने नवाचार आधारित शिक्षा पर भी बल दिया। आगे कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जो परिश्रम करता है, उसे सफलता अवश्य मिलती है।

छात्रों से समय का सदुपयोग करने और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इससे पहले माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने विद्यार्थियों से समय का सही उपयोग करने और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

अभिभावकों से कहा कि बच्चे परिवार की अमूल्य धरोहर हैं, इसलिए उनकी संगति और गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए तथा उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए।

शिक्षकों से उन्होंने अपने आचरण और व्यक्तित्व से विद्यार्थियों को प्रेरित करने की अपील की। समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभिभावक, प्रधानाचार्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

क्या अब लड़के भी झाड़ू-पोछा करने लगे हैं?

समारोह में छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आंकड़े बताते हैं कि छात्राएं लड़कों से अधिक मेहनत कर रही हैं। अधिकांश छात्राएं घर के कामों में मां का हाथ बंटाने के साथ पढ़ाई भी करती हैं और शानदार परिणाम हासिल कर रही हैं।

मुस्कराते हुए कहा, ऐसा लग रहा है कि अब लड़के भी झाड़ू-पोछा करने लगे हैं, इसलिए उनके नंबर कम आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी सुनकर सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। उन्होंने छात्रों से छात्राओं की मेहनत और अनुशासन से प्रेरणा लेने की भी सलाह दी।

वहीं, जब माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि अन्य सेवाओं में जाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन नेता बनने के लिए कुछ करने की जरूरत नहीं होती, तो मुख्यमंत्री सहित पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा।

मंच से सम्मानित हुए प्रदेश के 13 मेधावी

हाईस्कूल

  • कशिश वर्मा (यूपी बोर्ड) - 97.83% , सीतापुर
  • अंशिका वर्मा (यूपी बोर्ड) - 97.83%, बाराबंकी
  • सृष्टि (संस्कृत बोर्ड) - 94.43%, कन्नौज
  • शिवम अवस्थी (आइसीएसई) - 99.80%, लखनऊ
  • अनन्या गर्ग (आइसीएसई) - 99.80%, कानपुर नगर
  • श्रेष्ठी सिंह (आईसीएसई) - 99.80%, कानपुर नगर
  • वैवस्वत नारायण दूबे (आइसीएसई) - 99.80%, लखनऊ
  • दक्ष वासुदेवा (सीबीएसई) - 99.80%, गाजियाबाद
  • अश्विक जैन (सीबीएसई) - 99.80%, गाजियाबाद

इंटरमीडिएट

  • शिखा वर्मा (यूपी बोर्ड) - 97.60%, सीतापुर
  • रजनीश यादव (संस्कृत बोर्ड) - 89.36%, प्रतापगढ़
  • ओजस्वित पसरीचा (आइएससी) - 100%, कानपुर नगर
  • मानवी पटेल (सीबीएसई) - 99.60%, पीलीभीत

223 राज्य स्तर और जिलों में 1459 सम्मानित

प्रदेश स्तरीय समारोह में टाप-10 में स्थान प्राप्त 223 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें 85 छात्र और 138 छात्राएं शामिल रहीं। वहीं सभी जिलों में जिला स्तर पर विभिन्न बोर्डों के टॉप-10 में स्थान बनाने वाले 1459 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कुल 1682 मेधावी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मान मिला। जिला स्तर पर सम्मानित विद्यार्थियों को 21-21 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।