मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को सीधा प्रोत्साहन देने के लिए डीएसआर पोर्टल लॉन्च किया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को सीधा प्रोत्साहन देने के लिए डीएसआर पोर्टल लॉन्च किया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को सीधा प्रोत्साहन देने के लिए डीएसआर पोर्टल लॉन्च किया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को सीधा प्रोत्साहन देने के लिए डीएसआर पोर्टल लॉन्च किया

-मान सरकार किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में देगी प्रोत्साहन राशि: सीएम मान

 -पंजाब के बहुमूल्य भूजल को बचाने के लिए सरकार के अभियान को किसानों का मिल रहा जबरदस्त समर्थन: भगवंत मान

 चंडीगढ़, 25 मई

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को धान की सीधी बिजाई के लिए डीएसआर पोर्टल लांच किया। पोर्टल की मदद से किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में आएगी। सरकार की इस नवीनतम तकनीक के माध्यम से जहां किसानों को लाभ मिलेगा वहीं पंजाब का बहुमूल्य भूजल भी बचेगा।

मंडी बोर्ड और कृषि विभाग की इस किसान हितैषी पहल की सराहना करते हुए भगवंत मान ने कहा कि डीएसआर पोर्टल से सरकार को सीधी बिजाई करने वाले किसानों का सटीक डाटा मिलेगा तथा प्रोत्साहन राशि सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले वास्तविक लाभार्थियों को सरकार उचित और पारदर्शी तरीके से 1500 रुपये प्रति एकड़ के तहत राशि का भुगतान करेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के बहुमूल्य भूजल को बचाने के लिए सरकार द्वारा चलाए गए अभियान को किसानों का भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मूंग के रकबे को भी सरकार ने दोगुना कर दिया है। राज्य में भारी संख्या में किसान धान की सीधी बिजाई करने और मूल्यवान संसाधनों को बचाने के लिए डीएसआर तकनीक को अपना रहे हैं।   सरकार में अब किसी भी योजना के लिए लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों  के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 

वहीं,अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि ने मुख्यमंत्री को उक्त पोर्टल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उचित सत्यापन के बाद 1500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे  किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पोर्टल को कृषि विभाग और मंडी बोर्ड द्वारा विकसित और डिजाइन किया गया है। इस नवीनतम तकनीक को अपनाने से पानी की 15-20 प्रतिशत बचत होगी और पानी के प्रभावी रिसाव में मदद मिलेगी। इसके अलावा उचित रिचार्जिंग के माध्यम से भूजल स्तर में भी सुधार होगा। इतना ही नहीं किसानों की लागत में भी प्रति एकड़ करीब 4 हजार रुपए की बचत होगी। 

किसानों को पोर्टल की उचित तकनीकी जानकारी देने के लिए सरकार ने कृषि, बागवानी, मंडी बोर्ड और जल एवं मृदा संरक्षण सहित विभिन्न विभागों के 3 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों को तैनात किया है। ये  अधिकारी व कर्मचारी किसानों के पंजीकरण और डीएसआर के संचालन से जुड़ी सभी गतिविधियों को मॉनिटर  करेंगे ताकि वास्तविक लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

सरकार का मानना है कि प्रदेश में इस साल किसान खरीफ सीजन के दौरान अनुमानित 30 लाख हेक्टेयर (75 लाख एकड़) क्षेत्र में बासमती सहित धान की खेती करेंगे।  पिछले वर्ष 6 लाख हेक्टेयर में डीएसआर के माध्यम से धान की खेती की गई थी। सरकार ने इस वर्ष डीएसआर के तहत क्षेत्र को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। बैठक में इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, एसीएस कृषि सरवजीत सिंह, एसीएस वित्त केएपी सिन्हा और निदेशक कृषि गुरविंदर सिंह मौजूद थे।