राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस 2026: मुख्यमंत्री ने पुलिस पेंशनर्स को दिया डिजिटल पोर्टल का तोहफा; तीन जांबाज नागरिक भी सम्मानित

राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस 2026: मुख्यमंत्री ने पुलिस पेंशनर्स को दिया डिजिटल पोर्टल का तोहफा; तीन जांबाज नागरिक भी सम्मानित

Chief Minister Gifts Digital Portal to Police Pensioners

Chief Minister Gifts Digital Portal to Police Pensioners

Chief Minister Gifts Digital Portal to Police Pensioners, राजस्थान पुलिस आज यानी 16 अप्रैल 2026 को अपना 77वां स्थापना दिवस मना रही है. इस ऐतिहासिक मौके पर जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर आगमन बेहद शाही रहा, जहां वे पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवार जवानों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और प्रदेश के जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया.

पुलिस पेंशनर्स को मिला 'डिजिटल उपहार'

स्थापना दिवस के इस खास मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस कल्याण की दिशा में एक बड़ी और अनूठी पहल की. उन्होंने राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल (Rajasthan Police Pensioners Portal) का लोकार्पण किया. इस विशेष सेवा को राजकॉप सिटीजन एप (RajCop Citizen App) से जोड़ा गया है. इस पोर्टल के शुरू होने से अब राजस्थान पुलिस के हजारों पेंशनर्स और उनके परिवारजन घर बैठे डिजिटल सेवाओं का लाभ ले पाएंगे, जिससे उन्हें अपनी पेंशन संबंधी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.

इन 3 नागरिकों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान

इस वर्ष पुलिस स्थापना दिवस पर केवल जवानों को ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले तीन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री ने सिरोही के समाजसेवी प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुरजीत कश्यप और उदयपुर की बाल सुरक्षा सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ के आदेशानुसार इन तीनों ने समाज सेवा में अनुकरणीय भूमिका निभाई है.

बाल संरक्षण की अलख जगाने वाली सिंधु बिनुजीत की कहानी

सम्मानित होने वालों में उदयपुर की सिंधु बिनुजीत का नाम विशेष चर्चा में है. वर्ष 2010 से डूंगरपुर के आदिवासी क्षेत्रों में बाल श्रम और पलायन रोकने के लिए उन्होंने यूनिसेफ के साथ मिलकर 'वत्सल वार्ता' और 'बाल मित्र थाने' जैसे नवाचार किए. उनके प्रयासों से बच्चों के मन से पुलिस का डर खत्म हुआ. साल 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) भी उनके इस मॉडल से इतनी प्रभावित हुई थीं कि इसे पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए थे.

कोटा से डूंगरपुर तक उत्साह

स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए. कोटा में रेंज आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम की मौजूदगी में परेड हुई और पौधरोपण किया गया. कोटपूतली में एसपी सतवीर सिंह ने झंडारोहण किया. वहीं बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी ने 54 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा. डूंगरपुर में एसपी मनीष कुमार के नेतृत्व में सेरेमोनियल परेड के साथ-साथ रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.