छपरा: गैस किल्लत पर जलालपुर में सड़क जाम, नगरा में एजेंसी संचालक पर FIR
Chhapra: Road blocked in Jalalpur due to gas shortage
छपरा। सारण जिले में रसोई गैस वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी को लेकर शुक्रवार को जलालपुर प्रखंड में उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।
गैस नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने सुबह सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। घंटों तक आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
वहीं, दूसरी ओर नगरा प्रखंड में गैस वितरण में फर्जीवाड़ा और कालाबाजारी के मामले में एक गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गैस नहीं मिलने पर सड़क पर उतरे उपभोक्ता
जलालपुर प्रखंड में शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ता सड़क पर उतर आए। उपभोक्ताओं का आरोप था कि एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडर वितरण में मनमानी की जा रही है और कालाबाजारी के कारण वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही है। लोगों ने कहा कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी विनोद प्रसाद, राजस्व पदाधिकारी अखिलेश्वर पासवान, थाना अध्यक्ष पप्पू कुमार तथा पैक्स अध्यक्ष अजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन की पहल पर कुछ उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया और आवागमन सामान्य हो सका।
गैस एजेंसी प्रबंधक हीरो सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नियम के अनुसार आने वाले सभी उपभोक्ताओं को गैस दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
नगरा में गैस एजेंसी में फर्जी बुकिंग का खुलासा
इधर, नगरा प्रखंड में गैस वितरण में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई जांच के बाद नगरा थाना क्षेत्र स्थित मेसर्स महावीर इंडेन ग्रामीण वितरक के संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि उनके नाम और उपभोक्ता संख्या पर बिना जानकारी के गैस सिलेंडर बुक कर लिया जाता था।
इतना ही नहीं, सिस्टम में सिलेंडर की डिलीवरी भी दिखा दी जाती थी, जबकि वास्तविक उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिलती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाली अनुदानित गैस की फर्जी बुकिंग कर उसकी कालाबाजारी की जा रही थी। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण नियंत्रण आदेश 2000 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
इसी आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी।
सारण डीएम ने दी सख्त चेतावनी
जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
डीएम ने कहा कि यदि कोई वितरक सरकारी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ लाइसेंस रद करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।