चरखी दादरी शिक्षक हत्याकांड: 19 दिनों में सात आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी
Charkhi Dadri Teacher Murder Case: Seven Accused Arrested in 19 Days
चरखी दादरी। Charkhi Dadri Teacher Murder Case: Seven Accused Arrested in 19 Days, पुरानी रंजिश में अध्यापक ललित शर्मा की हत्या करने के मामले में आरोपितों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हत्याकांड में पुलिस 19 दिनों के दौरान सात आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जिनसे सात अवैध पिस्तौल व 12 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। चार आरोपितों ने तो गिरफ्तारी से पहले पुलिस पर फायरिंग की है। जबकि एक बदमाश ने पहाड़ी से पुलिस को धक्का देकर भागने का प्रयास किया है। फिलहाल मामले में हत्याकांड का एक मुख्य आरोपित नहीं पकड़ा गया है।
पुलिस ने उसकी भी जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। जिस प्रकार से बदमाशों को एक के बाद गिरफ्तार किया गया है और पांच के पैरों पर पट्टी,प्लास्टर बंधा है। इतना ही नहीं तीन बदमाशों को तो भरे बाजार भी घुमाया गया है।
पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने कहीं ना कहीं जिले के बदमाशों को थोड़ा बहुत सोचने पर तो मजबूर अवश्य किया होगा जो आमजन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। शुक्रवार को भी दो बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी जिसके बाद उन्हें काबू किया गया।
दोनों को पैर में गोली लगी
उल्लेखनीय है कि बीते 10 मई की रात को बौंद कलां में पुरानी रंजिश के चलते बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने गोली मारकर ललित शर्मा हत्या कर दी थी। मामले में पांच आरोपितों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका था जबकि तीन की गिरफ्तारी बाकी थी।
शुक्रवार अल सुबह स्पेशल स्टाफ टीम को गुप्त सूचना मिली कि हत्याकांड के मुख्य आरोपित जितेंद्र उर्फ जीतू व अजीत उर्फ बुच्चा नीमड़ी में खेत में बने कमरे में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने वहां रेड की और मुठभेड़ में दोनों को पैर में गोली लगी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू किया।
ललित हत्याकांड में पुलिस द्वारा लगातार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिसमें मुख्य आरोपित, राजस्थान का इनामी बदमाश सहित आरोपितों को पनाह देने व आर्थिक सहायता मुहैया करवाने वालों को मिलाकर सात लोगों को पकड़ा जा चुका है। मामले में केवल एक आरोपित सत्येंद्र की गिरफ्तारी बाकी है। सत्येंद्र मुख्य आरोपित है और उसने ही अपनी पुरानी रंजिश में इस हत्याकांड को अंजाम दिया थादो बार हो चुकी पुलिस पर फायरिंग
10 मई की रात को हुए हत्याकांड के आरोपितों को पकड़ने के दौरान पुलिस टीमों पर दो बार फायरिंग हो चुकी है। पहले पुलिस ने गुप्त सूचना आधार पर नांधा के समीप नाकाबंदी की और भागने पर पीछा किया तो बाइक सवार नितिश व नितिन द्वारा फायरिंग की गई।
बाद में बाइक अनियंत्रित होकर गिरने से वे पकड़ में आए। वहीं शुक्रवार को अजीत व जितेंद्र ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इस संबंध में बाढड़ा व बौंद कलां पुलिस थानों में केस भी दर्ज हुए हैं। इसके अलावा अमरजीत उर्फ मोनू ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस को पहाड़ी से धक्का देकर भागने का प्रयास किया।
मामले में 7 गिरफ्तारी हो चुकी
ललित हत्याकांड मामले में पुलिस द्वारा सात आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि पुलिस के अनुसार एक गिरफ्तारी बाकी हैं।
मामले में पुलिस ने अभी तक राजस्थान के 25 हजार के इनामी बदमाश अमरजीत उर्फ मोनू, आरोपितों को पनाह देने के आरोप में छाजू सिंह व पनाह देने व आर्थिक सहायता उपलब्ध करने के आरोप में मामले में आरोपित अजीत उर्फ बुच्चा के भाई अर्जुन को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं नितिन व नितिश को बाढड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वहीं, शुक्रवार को जितेंद्र उर्फ जीतू व अजीत उर्फ बुच्चा को गिरफ्तार किया गया।
सात अवैध पिस्तौल किए जा चुके बरामद
ललित हत्याकांड के बाद पुलिस द्वारा मामले के जो आरोपित पकड़े हैं उनसे सात अवैध पिस्तौल बरामद हुए है। पुलिस ने पहले अमरजीत उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। जिसमें कलियाणा पहाड़ी में हथियार छिपा रखे थे।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वहां से एक 32 बोर पिस्तौल व चार कारतूस बरामद किए। उसके बाद आरोपित नितिश व नितिन को नांधा के गिरफ्तार किया। उक्त दोनों आरोपितों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। पुलिस ने उनके पास से चार पिस्तौल व चार कारतूस बरामद किए।
वहीं, शुक्रवार को आरोपित जितेंद्र उर्फ जीतू व अजीत उर्फ बुच्चा को मुठभेड़ के पास काबू किया। इस दौरान भी पुलिस ने दो पिस्तौल व चार खोल बरामद किए।