चंद्रबाबू ने लैंड टाइटलिंग एक्ट के बारे में लोगों को गुमराह किया, हर मोर्चे पर नाकाम: करुमुरी
Chandrababu misled people about the Land Titling Act
(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
तनुकु : : ( आंध्र प्रदेश) 8जून: पूर्व मंत्री करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नायडू ने चुनाव के दौरान लैंड टाइटलिंग एक्ट के बारे में गलत प्रचार करके जनता को गुमराह किया। उन्होंने बताया कि यह कानून ज़मीन मालिकों को पक्का मालिकाना हक, कानूनी सुरक्षा और विवादों से मुक्ति दिलाने के लिए बनाया गया था, न कि लोगों की ज़मीन छीनने के लिए। उन्होंने याद दिलाया कि वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की सरकार के समय लगभग एक सदी बाद ज़मीन का व्यापक सर्वे किया गया था, जिसमें सीमा के पत्थर लगाए गए और 6,000 से ज़्यादा गांवों में सर्वे पूरा किया गया। चुनाव से पहले लगभग नौ लाख ज़मीन के रजिस्ट्रेशन पूरे हो चुके थे और सरकार ने ज़मीन मालिकों को पक्के मालिकाना हक के सर्टिफिकेट दिए थे।
करुमुरी ने कहा कि लैंड टाइटलिंग सिस्टम 90 से ज़्यादा देशों में सफलतापूर्वक लागू है और इससे किसानों को ज़मीन का स्पष्ट अधिकार, विवादों का समाधान और आसानी से लोन मिलने की सुविधा मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने वाई.एस. जगन द्वारा शुरू की गई पहल का सिर्फ़ नाम बदला है और इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 'भू-हक्कू-भू-सर्वे' (Bhuhu Hakku–Bhusurvey) कार्यक्रम की तारीफ़ की थी और प्रोत्साहन के तौर पर 450 करोड़ रुपये दिए थे।
उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन सरकार अहम वादों को पूरा करने में नाकाम रही है, जिनमें रायतू भरोसा, इनपुट सब्सिडी, किसानों के लिए अच्छी कीमत, बेरोज़गारी भत्ता, अदाबिड्डा निधि और P4 योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने इसकी तुलना YSRCP सरकार के 3,000 करोड़ रुपये के प्राइस स्टेबलाइज़ेशन फंड और किसान कल्याण के उपायों से की।
करुमुरी ने बढ़ते कर्ज़ को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि जहाँ YSRCP सरकार ने पाँच साल में 3.32 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया था, वहीं मौजूदा सरकार ने सिर्फ़ दो साल में 3.80 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ ले लिया। उन्होंने मेगा DSC भर्ती में गड़बड़ियों का आरोप लगाया, जिसमें स्पोर्ट्स कोटे के तहत पदों की बिक्री भी शामिल है, और इसकी तुलना YSRCP सरकार के समय 1.20 लाख नौकरियों को पारदर्शी तरीके से भरने से की।
वाई.एस. जगन की उपलब्धियों को गिनाते हुए, उन्होंने 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का ज़िक्र किया और गठबंधन सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक विकास, आवास और किसान कल्याण के मामलों में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने अमरावती में निर्माण की बढ़ती लागत, आवास से जुड़े अधूरे वादों, शराब माफिया के बढ़ने, शराब की बढ़ती कीमतों और आरोग्यश्री जैसी योजनाओं के कमजोर होने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों और शासन से जुड़ी जिम्मेदारियों, दोनों को पूरा करने में नाकाम रही है ।