जेईआरसी के हस्तक्षेप से चंडीगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सीपीडीएल की केवीएएच आधारित बिलिंग पर नए निर्देश

Relief for Chandigarh Electricity Consumers

Relief for Chandigarh Electricity Consumers

चंडीगढ़, 24 जून। Relief for Chandigarh Electricity Consumers: संयुक्त विद्युत नियामक आयोग ये(जेईआरसी) ने चंडीगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) को निर्देश दिया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने तक उपभोक्ताओं की बिलिंग स्वीकृत अनुबंधित लोड (किलोवाट) को अधिकतम मांग मानते हुए तथा यूनिटी पावर फैक्टर के आधार पर की जाए। यह फैसला इंडियन सिटिजन्स फोरम (आईसीएफ) द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया गया है।
आईसीएफ ने मार्च 2026 में जेईआरसी की सार्वजनिक सुनवाई के दौरान सीपीडीएल द्वारा घरेलू श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी उपभोक्ताओं के लिए किलोवाट-घंटा (KWH) को किलोवोल्ट-एम्पियर-घंटा (KVAH) में अनुमानित पावर फैक्टर के आधार पर परिवर्तित कर बिल जारी किए जाने का मुद्दा उठाया था। फोरम ने इस संबंध में 17 मार्च 2026 को जेईआरसी अध्यक्ष को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व भी सौंपा था।
जेईआरसी ने 17 जून 2026 को वित्त वर्ष 2024-25 के ट्रू-अप आदेश (याचिका संख्या 166/2026) जारी करते हुए आईसीएफ की आपत्तियों पर अपना निर्णय दर्ज किया। आयोग ने माना कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के यहां अभी भी ऐसे मीटर लगे हैं जो केवीएएच रीडिंग दर्ज नहीं करते हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर स्थापित होने तक अंतरिम व्यवस्था के तहत नई बिलिंग प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आईसीएफ के अध्यक्ष एस.के. नायर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने आयोग के समक्ष बताया था कि सीपीडीएल एलटी (लो टेंशन) उपभोक्ताओं के लिए 0.85 तथा एचटी/ईएचटी (हाई टेंशन/एक्स्ट्रा हाई टेंशन) उपभोक्ताओं के लिए 0.90 का कन्वर्जन फैक्टर अपनाकर केवीएएच आधारित बिलिंग कर रहा है। उनका कहना था कि यह तरीका वास्तविक बिजली खपत का सही आकलन नहीं करता और इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है।
सुनवाई के दौरान सीपीडीएल ने आयोग को बताया कि 30 अक्टूबर 2025 के टैरिफ आदेश के अनुसार 1 नवंबर 2025 से घरेलू श्रेणी को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के लिए केवीएएच आधारित बिलिंग लागू की गई थी। हालांकि जिन उपभोक्ताओं के पास पुराने मीटर हैं और जो केवीएएच रीडिंग रिकॉर्ड नहीं करते, उनके लिए अंतरिम रूप से उक्त कन्वर्जन फैक्टर निर्धारित किए गए थे।
आईसीएफ के अध्यक्ष एस.के. नायर, सचिव नरेंद्र शर्मा तथा फोरम के अन्य सदस्यों ने आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह आदेश चंडीगढ़ के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से केडब्ल्यूएच को केवीएएच में परिवर्तित कर जारी किए जाने वाले भारी-भरकम बिजली बिलों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। फोरम ने उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं को समझने और उचित निर्देश जारी करने के लिए जेईआरसी का आभार भी व्यक्त किया।