चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 LIVE; शहर के नए मेयर के लिए इस बार हाथ उठाकर वोटिंग, नंबर गेम में BJP का पलड़ा सबसे भारी
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Chandigarh Mayor Chunav 2026: आज चंडीगढ़ के नए मेयर का चुनाव हो रहा है। मेयर के साथ ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए भी वोटिंग हो रही है। इस बार हाथ उठाकर वोटिंग करवाई जा रही है। चंडीगढ़ नगर निगम के असेंबली हॉल में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ चुनाव की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। मेयर पद के चुनाव के लिए मनोनीत पार्षद डॉ. रमणीक सिंह बेदी को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। मेयर के चुनाव के बाद सीनियर डिप्टी मेयर और फिर डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाएगा। इन दोनों पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया नवनिर्वाचित मेयर की अध्यक्षता में संपन्न होगी।
नंबर गेम में BJP का पलड़ा सबसे भारी
वर्तमान आंकड़ों के हिसाब से साफ तौर से बीजेपी की जीत होते हुए दिख रही है। नंबर गेम में बीजेपी का पलड़ा सबसे भारी है। दरअसल इस बार मेयर चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों के बीच मुक़ाबला है। जहां इस त्रिकोणीय मुक़ाबले में संख्या बल के लिहाज से बीजेपी सीधे तौर पर सबसे मजबूत स्थिति में बनी हुई है। बीजेपी की यह मजबूती और उसकी यह ताकत तब और बढ़ गई है, जब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से किनारा करके अकेले-अकेले लड़ने का फैसला लिया है। जहां ऐसे में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस और आप दोनों ही पार्टियों के पास वोट बहुत कम हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ही बीजेपी स्पष्ट बढ़त में है।
ऐन मौके पर गठबंधन की तस्वीर बनी तो!
बता दें कि कांग्रेस-आप गठबंधन जहां बीजेपी को कांटे की टक्कर दे सकता था, गठबंधन न होना अब बीजेपी के लिए यह सीधा फायदा है। मसलन चंडीगढ़ में एक बार फिर बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है और यह लगभग तय है। वहीं बीजेपी का भी दावा है कि मेयर पद पर उसका कब्जा बरकरार रहेगा। लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों के ऐन मौके पर साथ आने पर चुनाव नतीजे की तस्वीर बदलती हुई दिख सकती है। हालांकि, इस पूरे चुनाव में एक बगावत भी है। वो ये की आप से बगावत कर पार्षद रामचंद्र ने निर्दलीय डिप्टी मेयर के पद पर नामांकन भरा है। रामचंद्र का रुख किधर जाएगा। ये देखना दिलचस्प होगा। यदि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अलग-अलग अलग-अलग वोट करते हैं तो बीजेपी की जीत सुनिक्षित है।
पूरा गणित समझिए
बता दें कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए नगर निगम सदन में कुल 36 वोट हैं, जिनमें 35 पार्षदों और एक सांसद का वोट शामिल है। मेयर पद जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 19 वोटों की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी से 2 महिला पार्षदों के बीजेपी में आने से बीजेपी के पार्षदों की संख्या अभी 18 है। पहले पार्टी के पास पार्षदों की संख्या 16 थी। वहीं आम आदमी पार्टी से 2 पार्षदों के टूटने के बाद इस समय AAP के पास पार्षदों की संख्या 11 रह गई है। जिसमें से भी एक आप पार्षद अभी बागी है। वहीं कांग्रेस के पास कुल पार्षदों की संख्या इस समय 6 है। साथ ही कांग्रेस के पास एक वोट चंडीगढ़ के वर्तमान सांसद मनीष तिवारी का भी है। यानि कांग्रेस के पास अभी कुल 7 वोट हैं।
उम्मीदवारों को जान लीजिए
बीजेपी ने मेयर पद के लिए सौरभ जोशी को उम्मीदवार बनाया है। जबकि आप से योगेश ढींगरा और कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह गाबी उम्मीदवार हैं। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी ने जसमनप्रीत सिंह, कांग्रेस ने सचिन गालव और आम आदमी पार्टी ने मुन्नवर खान को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी की ओर से सुमन देवी, कांग्रेस से निर्मला देवी और आम आदमी पार्टी से जसविंदर कौर मैदान में हैं। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में AAP पार्षद रामचंदर यादव चुनाव डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन भरा है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बारे में
मालूम रहे कि, चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है। इस चुनाव में जनता वोट नहीं करती है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षद इस चुनाव में वोट डालते हैं। मेयर चुनाव में मौजूदा सांसद का वोट भी पड़ता है। मौजूदा समय में मेयर चुनाव के लिए सांसद के एक वोट के अलावा कुल 35 पार्षदों के वोट हैं। इस समय बीजेपी के पास अपना सांसद नहीं है। जबकि कांग्रेस के पास सांसद के वोट की ताकत है। इससे पहले जब किरण खेर चंडीगढ़ की सांसद थीं तो वह बीजेपी के लिए वोट करती थीं।
पिछले चुनाव में BJP ने मेयर बनाया
चंडीगढ़ में पिछला मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था। जिसमें कम नंबर होने के बावजूद बीजेपी अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। दरअसल क्रॉस वोटिंग से बीजेपी को जीत मिली थी। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद बीजेपी के पास नहीं आया था। AAP गठबंधन के साथ इन दोनों पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस से जसबीर सिंह बंटी सीनियर डिप्टी मेयर और तरुणा मेहता डिप्टी मेयर बनी थीं।