चंडीगढ़ में दूषित-गंदे पानी का मुद्दा संसद पहुंचा; MP मनीष तिवारी का बयान- लोग बीमार पड़ रहे, यह स्थिति बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण
Chandigarh Dirty Drinking Water Supply Issue In Sansad MP Manish Tewari
Chandigarh Contaminated Water: चंडीगढ़ में पीने के दूषित और गंदे पानी का मुद्दा नगर निगम में गूंजने के बाद अब देश की संसद में भी गूंजता दिखाई दे रहा है। हाल ही में 11 फरवरी को हुई चंडीगढ़ नगर निगम की सदन बैठक में कांग्रेस ने गंदे पानी की सप्लाई आने का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठाया था। वहीं अब कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस मसले को संसद में आवाज देने की अनुमति मांगी है। तिवारी का कहना है कि यह एक ज़रूरी और पब्लिक इंपॉर्टेंस का मसला है। इस खतरे को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और यह संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल है।
तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ के मौली जागरां और आसपास के हिस्सों में पीने का स्वच्छ पानी न मिलने और दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। इस स्थिति से लोगों में भी बहुत ज़्यादा चिंता पैदा हो गई है, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र के अधीन आने वाले एक प्रदेश में इस तरह की स्थिति बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक गंभीर मामला है। मनीष तिवारी ने इस संबंध में केंद्र सरकार से तुरंत सुधार के कदम उठाने, रेगुलर इंडिपेंडेंट टेस्टिंग करने, ज़िम्मेदारी तय करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और सभी को सुरक्षित और पीने लायक पानी की सप्लाई देने की मांग की है।
वहीं संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मनीष तिवारी ने कहा, "चंडीगढ़ में एक रिहैबिलिटेशन कॉलोनी है- मौली जागरां। इस कॉलोनी में काफी समय से गंदा पानी पीने के कारण कई लोग बीमार पड़ रहे हैं, और कुछ बच्चों को हॉस्पिटल में भी भर्ती कराना पड़ रहा है। तिवारी ने कहा कि वहां गंदे पानी की सप्लाई इसलिए आ रही है क्योंकि वहां कथित तौर पर पानी की सप्लाई और सीवरेज़ लाइन साथ-साथ है। चूंकि चंडीगढ़ केंद्र सरकार के तहत एक यूनियन टेरिटरी है और इसे 'सिटी ब्यूटीफुल' के नाम से जाना जाता है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि इस पर गंभीरता से एक्शन लिया जाए।''
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आगे कहा, ''केंद्र के अधीन आने वाले एक केंद्र शासित प्रदेश में साफ पीने के पानी की कमी और उससे होने वाली बीमारियां बहुत बुरी और चिंता की बात है। अगर ऐसी स्थिति बनती है तो इससे ज्यादा दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।'' ज्ञात रहे कि हाल ही में नगर निगम की सदन बैठक में दूषित और गंदे पानी की सप्लाई के विरोध में कांग्रेस पार्षदों ने खूब हल्ला-बोल किया था और पोस्टर लेकर नारा भी लगाया गया था कि दूषित पानी से 'चंडीगढ़ को इंदौर बनाना बंद करो'। दरअसल, पिछले दिनों इन्दौर में दूषित पानी पीने से कई बच्चों की मौत हो गई थी।