सीमेंट के दाम सरकार नहीं, निजी कंपनियां तय करती हैं: हर्षवर्धन चौहान
Cement Prices are Determined by Private Companies
तथ्यहीन बयानबाजी से जनता को गुमराह कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष, आपदा राहत पर भी विपक्ष को दिखानी चाहिए गंभीरता
शिमला, 6 जनवरी 2026। Cement Prices are Determined by Private Companies: उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर तथ्यों से परे बयान देकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि सीमेंट का उत्पादन निजी कंपनियों द्वारा किया जाता है और इसके दाम सरकार नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा व्यवस्था के तहत तय होते हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता भी इस तथ्य से भली-भांति परिचित है। प्रदेश सरकार ने सीमेंट पर किसी प्रकार का अतिरिक्त कर नहीं लगाया है, जिससे कीमतों में वृद्धि हो।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सीमेंट के दाम वर्तमान दरों से 40 से 50 रुपये अधिक थे। मौजूदा सरकार महंगाई से राहत देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है और समाज के कमजोर व उपेक्षित वर्गों के कल्याण हेतु अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
उद्योग मंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना निंदनीय है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विशेष राहत पैकेज लागू किया है, जिसके तहत क्षति की स्थिति में दी जाने वाली राहत राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई है।
मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से क्षतिग्रस्त घरों, दुकानों और सार्वजनिक आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बयान देने से पूर्व तथ्यों की जांच करने की सलाह दी और कहा कि जनता सच्चाई से भली-भांति अवगत है।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को पीडीएनए (PDNA) के तहत केंद्र सरकार से लंबित राशि और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिसका प्रदेश की जनता अभी तक इंतजार कर रही है।