मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: सुप्रीम कोर्ट ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को सुनाई सजा, हड़कंप - Arth Parkash
Tuesday, February 19, 2019
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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: सुप्रीम कोर्ट ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को सुनाई सजा, हड़कंप

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: सुप्रीम कोर्ट ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को सुनाई सजा, हड़कंप

जब तक चले आज कोर्ट की कार्यवाही पीछे की बेंच पर बैठे रहिये: SC

नई दिल्ली: बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप मामले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी का तबादला करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के माफीनामे को अस्वीकार करते हुए कोर्ट की अवमानना का दोषी माना है।बतादे कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक ए के शर्मा का तबादला जांच एजेंसी से बाहर करने को लेकर राव के खिलाफ हाल ही में अवमानना नोटिस जारी किया था। जहां आज मंगलवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने स्पष्ट तौर पर अवमानना का दोषी ठहराते हुए नागेश्वर राव पर 1 लाख रूपए का जुर्माना लगाया है और आज कोर्ट की करवाई खत्म होने तक कोर्ट में ही रहने का आदेश दिया है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमने कोर्ट की अवमानना करने के लिये राव को सुना और हम उन पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हैं और कोर्ट उठने तक यहीं पीछे की बेंच पर बैठे रहने की सजा सुनाते हैं।’’ पीठ ने कहा, ‘‘कोर्ट के एक कोने में जाइये और इस कोर्ट के उठने तक वहां बैठ जाइये।’

सुनवाई के वक्त अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि राव अपनी गलती स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह जानबूझकर नहीं किया था और सब अनजाने में हो गया। इसपर सीजेआई ने कहा कि संतुष्ट हुए बगैर और कोर्ट से पूछे बगैर अधिकारी का रिलीव आर्डर साइन करना अवमानना नहीं तो क्या है? चीफ जस्टिस ने कहा कि अवमानना के आरोपी का बचाव सरकार के पैसे से क्यों किया जा रहा है। पीठ ने कहा, हमने उनके रवैये के हिसाब से जो जरूरी समझा वह किया। यह सरासर कोर्ट की अवमानना है।

दरअसल कोर्ट ने बिहार आश्रय गृह यौन शोषण मामलों की जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारी ए के शर्मा का उसकी अनुमति के बगैर ही तबादला किये जाने पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो को शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सीबीआई जांच में SC की अनुमति के बिना जांच टीम में शामिल किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी नागेश्वर राव ने जांच टीम के चीफ सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का 17 जनवरी को सीबीआई से CRPF में तबादला कर दिया था। इसके बाद सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने बिना शर्त सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली थी। उन्होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफीनामा दाखिल कर दिया था।

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