कैबिनेट की बैठक आज, आठ लाख शिक्षकों को मिल सकता है कैशलेश चिकित्सा का तोहफा; हो सकते हैं ये फैसले

कैबिनेट की बैठक आज, आठ लाख शिक्षकों को मिल सकता है कैशलेश चिकित्सा का तोहफा; हो सकते हैं ये फैसले

Cabinet Meeting Today

Cabinet Meeting Today

लखनऊ। Cabinet Meeting Today: प्रदेश सरकार बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों व उनके परिवार को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पांच सितंबर को इसकी घोषणा की थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इसका लाभ करीब 10 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को मिलेगा।

लोक भवन में दिन में 11 बजे आयोजित कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें सबसे अहम शिक्षकों के कैशलेस इलाज की सुविधा वाला है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों तथा स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक व शिक्षिका एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइया व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को यह सुविधा मिलेगी।

नगर विकास विभाग के अमृत-2.0 योजना के तहत गोरखपुर के सीवरेज योजना के लिए 721.40 करोड़ रुपये व वाराणसी में सीवर लाइन बिछाने व घरों में कनेक्शन जोड़ने के लिए 266.49 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। नगर विकास विभाग विज्ञापन नियमावली में भी संशोधन करने जा रहा है। इसका प्रस्ताव भी रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति लागू करने का प्रस्ताव भी गुरुवार को रखा जाएगा। पुराने जर्जर असुरक्षित भवनों के लिए यह नीति सरकार ला रही है।

उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव

शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्त पोषण के रूप में विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने तथा उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव है। बरेली व मुरादाबाद में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए वहां के विकास प्राधिकरणों को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव है। उप्र लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए सीएम रिसर्च फेलोशिप के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली भी गुरुवार को रखी जाएगी। उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली व उप्र न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के भविष्य में विस्तारीकरण को देखते हुए भूमि अधिग्रहण का भी प्रस्ताव आएगा। मुजफ्फरनगर की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड मोरना की पेराई क्षमता बढ़ाने, तकनीकी अपग्रेडेशन व आधुनिकीकरण करते हुए नई चीनी मिल स्थापना का भी प्रस्ताव है। उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड को पेराई सत्र 2025-2026 में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए उप्र राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले कर्ज की व्यवस्था के लिए शासकीय गारंटी प्रदान करने का प्रस्ताव भी आएगा।

ईंट भट्ठा नियमावली में संशोधन का भी प्रस्ताव

उप्र ईंट भट्ठा नियमावली में संशोधन का भी प्रस्ताव है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइजेशन को हरी झंडी मिल सकती है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग द्वारा नोएडा में मेट्रोपालिटन कारपोरेशन बनाने का प्रस्ताव भी है। लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क में औद्योगिक जलापूर्ति के लिए 458.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। उप खनिजों के स्वामित्व (रायल्टी) दर में संशोधन का स्वीकृति मिल सकती है।

बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर पुनर्वासित करने के लिए भूमि की व्यवस्था एवं उक्त वहां अवस्थापना सुविधाएं प्रदान करने का प्रस्ताव भी जाएगा। इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन का भी प्रस्ताव है।

परिवहन विभाग में 351 नए पदों पर लग सकती है मुहर

परिवहन विभाग 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक पदों पर मुहर लग सकती है। राजस्व बढ़ाने और परिवहन विभाग के कर ढांचे में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण शुल्क में छूट देने के लिए पहले से जारी अधिसूचना पर कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। फेसलेस सुविधा मिलने से लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलवाने, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति लेने, पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखने और गैर उपयोग सूचना परमिट के लिए परिवहन कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।