बसपा में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल, चुनावी तैयारी तेज
BSP in a major organizational reshuffle
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डॉ. अशोक सिद्धार्थ को चार राज्यों का केंद्रीय प्रभारी बनाया।
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नौशाद अली को लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ मंडल की कमान।
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आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव।
लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर पर संगठन में एक बार फिर फेरबदल किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर व पूर्व सांसद डा. अशोक सिद्धार्थ को अब दिल्ली सहित गुजरात, छत्तीसगढ़ और केरल राज्य का केंद्रीय प्रभारी बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मायावती ने प्रदेश पदाधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव किया है।
पूर्व एमएलसी नौशाद अली को अब लखनऊ, कानपुर, आगरा व मेरठ मंडल का जबकि पूर्व सांसद मुनकाद अली को मुरादाबाद व बरेली मंडल के साथ ही उत्तराखंड राज्य की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
अब तक दिल्ली सहित चार राज्य के प्रभारी रहे राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम की जिम्मेदारियों में कटौती करते हुए अब कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र राज्य सौंपे गए हैं।
इसी तरह राजाराम को अब मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, रणधीर सिंह बेनीवाल को पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़, नितिन सिंह को जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश, डा. लाल जी मेधंकर को उड़ीसा व बंगाल, सुमरत सिंह को राजस्थान तथा गिरीश चंद्र को उत्तराखंड राज्य का प्रभारी बनाया गया है।
फेरबदल में डॉ. अशोक को जिस तरह से अहम राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है उससे साफ है कि मायावती का उन पर एक बार फिर से भरोसा बढ़ा है। मायावती के विश्वासपात्र होने के चलते ही पहले एमएलसी फिर राज्यसभा सदस्य तक रहे डा. अशोक की डा. बेटी, बसपा प्रमुख के भतीजे आकाश आनंद की पत्नी है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष मायावती डा. अशोक और उनके करीबी नितिन सिंह को अनुशासनहीनता और गुटबाजी के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, कुछ माह बाद ही उनकी वापसी के साथ ही उन्हें केंद्रीय कोआर्डिनेटर बना दिया गया था।
दो दशक बाद फिर राज्य में बहुमत की सरकार बनाने के लिए बसपा प्रमुख ने 18 मंडल के प्रभारियों के दायित्व में भी नए सिरे से बदलाव किया है।
बसपा छोड़ कांग्रेस और हाल ही में सपा में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी के शामिल होने के बाद मायावती ने पार्टी के मुस्लिम चेहरे नौशाद अली को अब कानपुर, लखनऊ, आगरा और मेरठ मंडल का दायित्व सौंपा है।
इसी तरह मुनकाद अली को भी मुस्लिम बहुल मुरादाबाद व बरेली मंडल की जिम्मेदारी दी गई है ताकि वंचित समाज के साथ ही मुस्लिम समाज को पार्टी से जोड़कर वर्ष 2007 जैसे नतीजे दोहराए जा सकें।