राज्यपाल पंजाब की अध्यक्षता में शिमला में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नस की बैठक
राज्यपाल पंजाब की अध्यक्षता में शिमला में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नस की बैठक

राज्यपाल पंजाब की अध्यक्षता में शिमला में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नस की बैठक

राज्यपाल पंजाब की अध्यक्षता में शिमला में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नस की बैठक

ज़ोन के लोक कलाकारों के लिए 5-5 लाख रुपये के दो वार्षिक लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कारों की हुई घोषणा
कलाग्राम में एक ऑडीटोरियम और एक मल्टीपर्पज़ हॉल की दी गई मंजूरी
 प्रमुख सचिव, कला एवं संस्कृति हरियाणा अगले दो वर्षों के लिए कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष मनोनीत

शिमला, 8 सितंबरः बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंजाब के राज्यपाल और अध्यक्ष, एनजेडसीसी बनवारीलाल पुरोहित ने भारत की समृद्ध संस्कृति विरासत के संरक्षण, रक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।
उनकी अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने एनजेडसीसी की कार्यक्रम समिति, वित्त समितियों और कार्यकारी बोर्ड द्वारा की गई विभिन्न सिफारिशों को मंजूरी दी जिसमें 2022-23 के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों / गतिविधियों के लिए 1024.00 लाख रुपये की बजट स्वीकृति शामिल है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राजस्थान सरकार एनजेडसीसी के कॉर्पस फंड के लिए 1.34 करोड़ रुपये के अपने शेष योगदान को जारी करे।

राज्यपाल ने सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की भी इच्छा व्यक्त की। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि एनजेडसीसी में दो स्तरीय ऑडिट प्रणाली की व्यवस्था है जिसमें पहली आंतरिक ऑडिट और दूसरी सी.ए.जी. ऑडिट शामिल है। उन्होंने निदेशक एनजेडसीसी को इसके मामलों में उच्चतम स्तर की वित्तीय औचित्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
श्री बनवारीलाल पुरोहित ने लोक कलाकारों के लिए राज्यपाल कोष से प्रतिवर्ष दो लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कारों की घोषणा की। इस पुरस्कार के अन्तर्गत प्रत्येक विजेता को 5 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी और यह पुरूस्कार एनजेडसीसी द्वारा आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक समारोह के दौरान दिया जाएगा। इसके लिए निदेशक एनजेडसीसी को उन कलाकारों का चयन करने के लिए नियम/पद्धति तैयार करने का निर्देश दिया गया जिन्होंने सदस्य राज्यों की लोक कलाओं को बढ़ावा देने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।
कलाग्राम में ऑडीटोरियम के लिए एक प्रस्ताव टैगोर सांस्कृतिक परिसर अनुदान योजना के तहत भेजा जाएगा जिसके लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा 4 करोड़ रुपये का स्थानीय हिस्सा योगदान स्वरूप दिया जाएगा जबकि संस्कृति मंत्रालय से टीसीसीजी के तहत 6 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होने की उम्मीद है।
अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जो कलाकार प्रतिभाशाली हैं और जिन्हें मौका नहीं मिलता, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य को जिला स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करने चाहिएं जिसके लिए एनजेडसीसी की विशेषज्ञता का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने आगे निर्देश दिए कि हमें सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल योग्य संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान में एनजेडसीसी द्वारा किए गए प्रयास की सराहना की। उन्होंने वर्ष भर एनजेडसीसी को सक्रिय रखने के लिए इसके निदेशक और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने अपनी इच्छा प्रकट करते हुए कहा कि एनजेडसीसी को अपनी पहुंच का दायरा बढ़ाते हुए इसमें विस्तार करना चाहिए। उन्होंने अन्य ज़ोनों में संस्कृति के माध्यम से एकता को प्रोत्साहित करने वाले और अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा भी व्यक्त की।
बैठक दौरान संस्कृति मंत्रालय के कैपिटल ग्रांट के तहत एक मल्टीपर्पज़ हॉल भी प्रस्तावित किया गया जिसका उपयोग प्रदर्शन गैलरी, कार्यशाला स्थल और छोटी सांस्कृतिक बैठकों के लिए किया जा सकता है।
इस बैठक में अन्यों के अलावा तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव संस्कृति पंजाब, डी सुरेश, प्रमुख सचिव, संस्कृति हरियाणा, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सांस्कृतिक सचिव, महबूब अली और चंडीगढ़ के विनोद पी कावले तथा निदेशक, उत्तर क्षेत्र संस्कृति केंद्र, फुरकान खान सहित नामित सदस्य शामिल थे। राज्यपाल के प्रधान सचिव जे एम बालामुरुगन आईएएस ने भी इस बैठक में भाग लिया। आर.एस. खिंची, उप सचिव दिल्ली से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।