बिहार पुलिस की 'रीलबाजों' पर स्ट्राइक: 50 पुलिसकर्मियों की सूची जारी; पूर्णिया की महिला थाना अध्यक्ष शबाना आजमी भी रडार पर

बिहार पुलिस की 'रीलबाजों' पर स्ट्राइक: 50 पुलिसकर्मियों की सूची जारी; पूर्णिया की महिला थाना अध्यक्ष शबाना आजमी भी रडार पर

Bihar Police Cracks Down on Reel-Makers

Bihar Police Cracks Down on 'Reel-Makers

पूर्णिया। Bihar Police Cracks Down on 'Reel-Makers, बिहार पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। सूबे के पुलिस महानिदेशक द्वारा पहले ही इस पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं होने पर अब पुलिस मुख्यालय ने कड़ा कदम उठाया है।

पुलिस मुख्यालय ने ऐसे 50 “रीलबाज” पुलिसकर्मियों की सूची जारी करते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को उनके खिलाफ कार्रवाई करने और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

SOP उल्लंघन पर मुख्यालय की सख्ती

बिहार पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) ने पत्रांक 42, दिनांक 20 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह सूची जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वर्दी में रील्स और वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करना निर्धारित SOP के खिलाफ है। इंटरनेट मीडिया सेंटर, बिहार पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग में यह पाया गया कि कई पुलिसकर्मी लगातार वर्दी में रील बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे हैं, जिससे विभागीय गरिमा प्रभावित हो रही है।

पूर्णिया की दो पुलिसकर्मी भी सूची में शामिल

इस सूची में पूर्णिया जिले की भी दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें महिला थाना अध्यक्ष शबाना आजमी का नाम भी दर्ज है। इसके अलावा कटिहार, किशनगंज, सहरसा, जमुई और मुंगेर जिलों से भी एक-एक पुलिसकर्मी को सूची में शामिल किया गया है। मुख्यालय ने सूची के साथ संबंधित रील्स और वीडियो के लिंक भी संलग्न किए हैं, ताकि कार्रवाई में पारदर्शिता बनी रहे।

जिलेवार कार्रवाई के निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में SOP का अनुपालन सुनिश्चित करें और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करें। अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग में अनुशासन और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है।

पहले भी चर्चा में रही हैं शबाना आजमी

पूर्णिया की महिला थाना अध्यक्ष शबाना आजमी इससे पहले भी सोशल मीडिया पर रील और तस्वीरों को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, जब वे फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी थीं, तब थाने की कुर्सी पर कुछ परिजनों को बैठाकर वर्दी में तस्वीरें खींची गई थीं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। उस समय यह मामला काफी चर्चा में आया था और तत्कालीन पुलिस उप महानिरीक्षक ने कार्रवाई की बात भी कही थी, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया। इसके बाद उन्हें रेणु टीओपी से स्थानांतरित कर महिला थाना की जिम्मेदारी दी गई थी।

लगातार वायरल होते रहे हैं रील

सूत्रों के अनुसार शबाना आजमी के कई रील और वीडियो पहले भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। हालांकि पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर वर्दी में रील बनाने और फोटो शूट पर रोक को लेकर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन इसका अपेक्षित असर देखने को नहीं मिला। डीजीपी स्तर से भी पहले स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि पुलिसकर्मी वर्दी में किसी प्रकार की रील या निजी वीडियो शूट से बचें, लेकिन कई मामलों में इसका पालन नहीं हुआ।

पटना में सबसे ज्यादा मामले

मुख्यालय द्वारा जारी सूची में सबसे अधिक मामले पटना जिले से सामने आए हैं। यहां 16 पुलिसकर्मियों को रील बनाने के मामले में चिन्हित किया गया है। इसके अलावा दरभंगा के दो, मधुबनी के चार, नालंदा के एक, गया के दो और सीतामढ़ी के एक पुलिसकर्मी का नाम भी सूची में शामिल है।

सख्त संदेश और आगे की कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि यह कदम विभागीय अनुशासन और वर्दी की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है। अब सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई करें और SOP का पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती के बाद पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी।

राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में जो भी पुलिसकर्मी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसओपी का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

 

-स्वीटी सहरावत, एसपी, पूर्णिया।