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अयोध्या मंदिर: मूछ वाले भगवान राम की मूर्ति लगे, जानिए ये अजब डिमांड कहां से आई?

नई दिल्ली: जिसका था सालों-साल से इंतजार, वो शुभ घड़ी अब आ गई है।अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने जा रहा है।अब वो दिन दूर नहीं जब भगवान राम जो अपने भक्तों को ठाटबाट से रखते हैं अब खुद भी बड़े ठाटबाट से अपने यथास्थान पर विराजमान होंगे।

बतादेंकि, 5 अगस्त यानि कल अयोध्या में जिस जगह राम मंदिर का निर्माण होना है उसका पूजन किया जाएगा।इस भूमि पूजन में जहां कई छोटे-बड़े सन्यासी साधुसंत-महंत शामिल होंगे वहीं, राजनीतिक क्ष्रेत्र की दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा भी लगेगा।हालांकि, कोरोना के चलते सीमित लोग ही भूमि पूजन में शामिल हो सकेंगे।भूमि पूजन में शामिल होने वालों को निमंत्रण भेजा गया है।इसके साथ ही भूमि पूजन में शामिल न हो पाने वाले साधु-संतों एवं अन्य लोगों से आग्रह किया गया है कि वह जहां हैं वहीं रहकर भगवान राम की स्तुति करें।दीप जलाएं।

मंदिर में भगवान राम की जो मूर्ति लगे, वो मूछ वाली हो…

इधर, अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति पर एक डिमांड आई है।डिमांड यह है कि मंदिर में स्थापित होने वाली भगवान राम की मूर्ति मूछ वाली होनी चाहिए।यानि भगवान राम के मूछ लगी हो।दरअसल, यह अजब डिमांड महाराष्ट्र के एक कट्टर हिंदुत्ववादी नेता संभाजी भिड़े ने की है।श्रीशिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के मुखिया संभाजी भिड़े का कहना है कि अयोध्या में अब जब राम मंदिर बनने जा रहा है तो एक काम किया जाए वो ये कि इस मंदिर में भगवान राम की जो मूर्ति स्थापित हो, उसके मूछ हो।उन्हें मूछ वाले भगवान राम की मूर्ति मंदिर में चाहिए।उन्होंने इस बारे में बात भी की है।संभाजी भिड़े कहते हैं कि, राम की मूर्ति में मूछ न लगाना कलाकारों की गलती है, जिसे उन्हें सुधारना चाहिए।संभाजी भिड़े ने यह भी कहा-अगर राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति में मूछ नहीं होगी तो ऐसे भगवान राम के मंदिर का उनके जैसे भक्त के लिए कोई अर्थ नहीं है।

संभाजी ने कहा है कि भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों में मूछ का न होना कलाकारों की ऐतिहासिक और सदियों पुरानी गलती है।इसे हर हालत में सुधारना चाहिए।संभाजी ने कहा यह सभी पुरुष देवता हैं और इस लिहाज से इनकी मूछ तो जरूर होनी चाहिए।इनके स्वरूप को बिन मूछ के दिखाना कलाकारों की गलती है।मतलब संभाजी के बयान पर जाएं तो उनके लिए रामजी की मूछ होना सिर्फ इसलिए जरूरी हैं क्योंकि वह पुरुष देवता हैं।

संभाजी ने यह अपील भी की…

भगवान राम की मूछ की डिमांड के साथ शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के प्रमुख भिड़े ने लोगों से पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के दिन को दीपवाली और दशहरा की तरह जश्न मनाने की अपील भी की है।इसके अलावा संभाजी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के एक बयान कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बन जाने से कोविड-19 महामारी खत्म हो जाएगी पर कहा कि वह एक सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिये था। भिड़े ने कहा, ‘पवार को भूमि पूजन कार्यक्रम में जाना चाहिये, भले ही उन्हें निमंत्रण न मिला हो। वह वहां पूरे महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।’

हिन्दू देवताओं की मूछ के बारे में…

अगर हम देखें तो हिंदू देवताओं में ब्रम्हा जी, शंकर जी, कार्त्तिकेय और हनुमान जी को दाढ़ी-मूछ स्वरूप के साथ देखा जाता रहा है लेकिन विष्णु, कृष्ण, राम और अन्य देवताओं का स्वरूप बिना मूछ का ही है।लेकिन संभाजी की मांग इस धारणा के विपरीत है।

अयोध्या मन्दिर के मुख्य पुजारी ने क्या कहा…

संभाजी को जवाब देते हुए अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्रदास ने कहा कि उनकी मांग गलत है।भगवान राम, कृष्ण का रूप धरती पर बिना मूछ का ही है।इसलिए उनके मूछ अपने मन से कैसे लगा दें।सत्येंद्र दास ने संभाजी की मांग पर आगे कहा कि अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो उन्हें जानकारी नहीं है। उन्हें ऐसी अनर्गल बातें नहीं बोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मूछ वाली राम की मूर्ति कहीं नहीं है और अगर है तो उन्हीं (संभाजी) जैसे अज्ञानियों की वजह से है।

संभाजी के बारे में…

महाराष्ट्र के संभाजी भिड़े एक कट्टर हिंदुत्ववादी और उग्र विचारों के लिए जाने जाने जाते हैं।संभाजी भिड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ रहे हैं लेकिन बाद में वह संघ से अलग हो गए थे और उन्होंने संघ छोड़ने के बाद खुद का संगठन श्रीशिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान का गठन कर लिया था। इसके अलावा सम्भा जी अपने विवादित बयानों के कारण कई बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रह चुके हैं।आप देखेंगे कि संभाजी ने बड़ी और घनी मूछ रख रखी है।

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