पिता भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर भावुक हुईं विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी: बोलीं— 'सिर्फ पिता नहीं, जीवन का सबसे बड़ा संबल खो दिया'
Assembly Speaker Ritu Khanduri gets emotional
देहरादून। Assembly Speaker Ritu Khanduri gets emotional, पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) की राजनीतिक विरासत को बखूबी संभाल रहीं उनकी बेटी उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि उन्होंने सिर्फ पिता को नहीं खोया है, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा संबल भी खो दिया है।
आज शब्द साथ नहीं दे रहे हैं। पिता ने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद विश्राम का रास्ता नहीं चुना। वर्ष 1991 में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर उन्होंने राजनीति को सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम बनाया। वह उन नेताओं में रहे, जिन्होंने राजनीति में रहते हुए भी निजी सादगी और नैतिकता को कभी नहीं छोड़ा।
ऋतु खंडूड़ी के भीतर उदासी छाई है। उनके शब्दों में दर्द छलकता है, लेकिन परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि और सख्त जीवनशैली ने मुश्किल की इस घड़ी में भी उन्हें बाहर से शांत बनाए रखा है।
ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि राजनीतिक जीवन से पहले जब उनके पिता सीमा पर राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात रहते थे, तब परिवार भी एक अलग युद्ध लड़ता था। वह युद्ध था प्रतीक्षा, अनिश्चितता और मौन चिंता का।
शिकायत करना नहीं गर्व करना सिखाया
ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि बचपन के अनेक क्षण ऐसे रहे जब पिता का स्नेह पत्रों में मिलता था, उनकी उपस्थिति स्मृतियों और प्रतीक्षा में महसूस होती थी, लेकिन, पिता ने परिवार को कभी शिकायत करना नहीं सिखाया, बल्कि गर्व करना सिखाया कि राष्ट्रसेवा केवल सैनिक नहीं करता, उसका परिवार भी उस संकल्प का सहभागी होता है।
ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि पिता की सबसे बड़ी पहचान कोई पद या सम्मान नहीं था। उनकी पहचान नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने वाले, बाहर से कठोर, लेकिन भीतर से अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति के रूप स्थापित रही है।
जीवन जीने के मूल्य भी दिए
उन्होंने कहा कि पिता ने सिखाया कि ईमानदारी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और पद की गरिमा व्यक्ति के आचरण से बनती है।
परिवार ने भी उनका समय, उनकी उपस्थिति और जीवन के अनेक निजी क्षण राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होते देखे। यही त्याग उनके परिवार के लिए गर्व का आधार बना।
पिताजी ने केवल जीवन नहीं दिया, जीवन जीने के मूल्य भी दिए। उनका अनुशासन, साहस और सत्यनिष्ठा की सीख सदैव मार्गदर्शन करती रहेगी।