Armaan of Bilaspur : महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने
Armaan of Bilaspur

Armaan of Bilaspur

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने

कम उम्र में पुस्तक लिखने वाला विश्व का सबसे कम उम्र का छात्र,दो दो वर्ल्ड रिकार्ड उसके नाम। 

चंद्रकुमार दुबे. बिलासपुर। Armaan of Bilaspur |  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले पांच साल के अरमान उभरानी ने 3 किताबें लिख डाली। तीनों प्रकाशित हो चुकी है। कम उम्र में किताब लिखने का उसके नाम विश्व रिकार्ड बन गया है। अरमान जगमल चौक निवासी बिजनेस मैन मनीष उभरानी का बेटा है। वह अभी क्लास वन का छात्र है। अरमान को बचपन से ही कहानी सुनने का शौक था। किताब लिखने के लिए उसकी मां ने उसे प्रेरित किया।

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने

 

जो किताब लिखी है उनमें पिंक डॉल्फ़िन, प्लानेटरी वर्ल्ड व माई कॉन्टिनेंट एशिया (एक्सप्लोर सीरीज़) शामिल है। द पिंक डॉल्फ़िन में अरमान ने 7 दोस्तों पर एक काल्पनिक कहानी लिखी है, जो डॉल्फ़िन के साथ तैरने और सबक सीखने के लिए समुद्र में कूदते हैं। अन्य दो पुस्तकें लेट्स एक्सप्लोर सीरीज़ का हिस्सा हैं। तीनों किताब प्रकाशित हो चुकी हैं और अमेज़न पर भी उपलब्ध हैं। अरमान अभी क्लास टू का छात्र है और वह अपनी मां की स्कूल में ही पढ़ता है। 

 

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने
 

मां ने कहा- मैं तुझे रोज रोज कहानी क्यों सुनाउं तू खुद ही बना, और यह बात उसे जंच गई

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने
 

अरमान के पिता बिजनेसमैन है। उसकी मां साइना उभरानी बिलासपुर में नर्सरी स्कूल संचालित करती हैं। साइना का कहना है कि अरमान को बचपन से ही कहानी सुनने का शौक था। मुझसे रोज कहानी सुना करता था। एक दिन मैंने उसे बोला कि मां तुझे कहानी क्यों सुनाएगी,तू खुद ही कहानी क्यों नहीं लिखता है। बस यह बात उसे जंच गई और उसी दिन से वह कहानी लिखना शुरू किया। पहली किताब उसने 18 पेज का लिखा और -उसका नाम दिया पिंक डाल्फिन। इसके बाद उसने प्लानेक्स व माई कॉन्टिनेंट एशिया लिखी है। अरमान सबसे अधिक किताब लिखने का विश्व रिकार्ड बनाना चाहता है।1 से 40 तक पहाड़ा पढ़ने का हावर्ड वर्ल्ड रिकार्ड 

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने
 

अरमान ने महज 4 साल 11 महीने के उम्र में ही 1 से लेकर 40 तक का बिना देखे पहाड़ा पढ़ने का हावर्ड वर्ल्ड रिकार्ड भी बनाया है। 

इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड

महज पांच साल की उम्र में तीन किताब लिखकर इतिहास रच डाला बिलासपुर के अरमान ने
 

अरमान ने 12 मिनट व 28 सेकेंड में 100 अलग अलग संख्याओं का गुणा कर सही उत्तर बनाया। यह भी इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है।