रथयात्रा निकालेंगे अखिलेश, धर्म नगरी से होगा शंखनाद, यूपी चुनाव से पहले सपा का मेगा प्लान

रथयात्रा निकालेंगे अखिलेश, धर्म नगरी से होगा शंखनाद, यूपी चुनाव से पहले सपा का मेगा प्लान

Akhilesh Yadav Rath Yatra

Akhilesh Yadav Rath Yatra

Akhilesh Yadav Rath Yatra: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 2012 में आजमाया गया सफल प्रयोग आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में भी आजमाने की तैयारी कर रहे हैं। 2012 की तर्ज पर विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश रथयात्रा निकाल सकते हैं। इस रथयात्रा का नाम पीडीए रथयात्रा होगी। कहा जा रहा है कि इसका शुभारंभ यूपी के किसी धार्मिक स्थान से करने की तैयारी है। अयोध्या, मथुरा, काशी से इसके शुभारंभ की संभावना है। पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में इसको लेकर मंथन हो रहा है, लेकिन इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसे अंतिम रूप देने के बाद आधिकारिक घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

अखिलेश 2012 के विधानसभा चुनाव में भी रथयात्रा निकाल चुके हैं। उस समय ‘समाजवादी क्रांति रथ यात्रा’ निकाली गई थी। उस रथयात्रा की शुरुआत 13 सितंबर 2011 को लखनऊ से हुई थी। कई महीनों तक पूरे यूपी में यात्रा पहुंची और इस दौरान हजारों किलोमीटर का सफर तय करने के साथ ही सैकड़ों जनसभाएं की गईं। इसी के बाद पहली बार सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी। इसी रथयात्रा वाले प्रयोग को अखिलेश 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए फिर आजमाने की तैयारी में हैं।

कहा जा रहा है कि सपा इस बार ‘समाजवादी पीडीए रथयात्रा’ शुरू करेगी। इसकी शुरुआत किसी प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल से किए जाने पर विचार चल रहा है। रथयात्रा अयोध्या, मथुरा या काशी से शुरू हो सकती है। धार्मिक स्थल से यात्रा की शुरुआत कर अखिलेश भाजपा को उसे के अस्त्र से हमला करने की रणनीति अपना सकते हैं। माना जा रहा है कि सपा इस विधानसभा चुनाव में राम मंदिर दान चोरी को भी भाजपा के खिलाफ प्रमुख मुद्दा बना सकती है। अखिलेश यादव ने ही सबसे पहले राम मंदिर दान चोरी का मामला उठाया था। राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले अखिलेश के आरोपों को नकारने की कोशिश की थी। ट्रस्ट के खंडन के बाद भी अखिलेश हमलावर रहे और चोरी का बड़ा खुलासा हो गया।

किसानों को लेकर सरकार पर हमला

वहीं, गुरुवार को एक बयान में अखिलेश यादव ने किसानों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन भाजपाइयों ने प्रभु श्रीराम को धोखा दे दिया, उनके आभूषण और दान-चंदा सब लूट लिया, उनसे क्या उम्मीद करें। भाजपा के रवैये से किसान आक्रोशित है। 2027 में जनता किसान विरोधी भाजपा सरकार को हमेशा के लिए हटा देगी तभी किसानों के घर खुशहाली आएगी।

अखिलेश ने कहा है कि भाजपा सरकार में किसान की हालत बद-से-बदतर होती जा रही है। भाजपा की डबल इंजन सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। किसान की आय दोगुनी करने का वादा अब केवल पुराने अखबारों की रद्दी में ही कहीं ढूंढ़े मिल सकता है। किसान को अपनी फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। बढ़ती महंगाई से किसान हर तरह से हताश है। खेती का लागत मूल्य बढ़ता जा रहा है।