श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन
श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन

श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन

श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन

चंडीगढ़। श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27बी चंडीगढ़ में आज दशलक्षण महापर्व के अंतिम एवं उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन प्रातः 6:30 बजे अभिषेक शांतिधारा के पश्चात तत्वार्थ सूत्रार्थ महामंडल विधान के 10वें अध्याय एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा की गई तथा जैन धर्म के बारहवें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक के शुभ अवसर पर निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया इस अवसर पर लगभग 400 की संख्या में श्रद्धालुओं ने

श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन

पूजा-अर्चना की विशेष रूप से भोपाल से पधारे बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी पुण्यांश  ने अपने प्रवचन में भक्तजनों को उत्तम क्षमा से लेकर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म तक के बारे में  समझाया तत्वार्थ सूत्रार्थ महामंडल विधान जो कि भैया जी के द्वारा 31/8/2022 से लेकर 9/9/2022 तक कराया गया जिसका सार सम्यक दर्शन ज्ञान चितरानी चरित्राणि मोक्ष मार्ग:- अर्थात- सच्चा दर्शन, सच्चा ज्ञान और सच्चा चरित्र ही मनुष्य को मोक्ष मार्ग की ओर प्रसस्त्र करने का साधन है आज धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विधान के पश्चात हवन कराया गया और

श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन

अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष में आशीष भैया पुण्यांश द्वारा अनंत चतुर्दशी व्रत की कथा का वाचन किया गया उसके पश्चात श्री जी की पालकी यात्रा बैंड बाजे के साथ निकाली गई जिसमें अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष श्री नवरत्न  जैन, उपाध्यक्ष दामोदर दास जैन, कोषाध्यक्ष राजा बहादुर सिंह जैन एडवोकेट, महामंत्री संत कुमार जैन,श्री धर्म बहादुर जैन, श्री  आर०पी० जैन, श्री राजेंद्र जैन, श्री अजय जैन, श्री करुण जैन, श्री रमेश जैन,  उपस्थित रहे।

श्री दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 27 में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक शांतिधारा व अन्य आयोजन