सरकार ने 2031 तक बढ़ाई अटल पेंशन योजना की मियाद, जानें कौन उठा सकता है इसका फायदा

Extension of Atal Pension Yojana

Extension of Atal Pension Yojana

हैदराबाद: Extension of Atal Pension Yojana: सरकार ने अटल पेंशन योजना (APY) की सफलता को देखते हुए इसमें खाता खुलवाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर वर्ष 2031 कर दी है. अब तक इस योजना के तहत 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं. डेडलाइन बढ़ने के बाद एक बार फिर इस योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इसी बीच लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सरकारी और निजी नौकरी करने वाले लोग भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं या यह केवल गरीब और असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए ही है.

किसके लिए है अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना को मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू किया गया है. इसमें 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी ऐसा नागरिक खाता खुलवा सकता है, जिसे किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो. इसमें दिहाड़ी मजदूर, गिग इकॉनमी में काम करने वाले और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोग शामिल हैं.

सरकारी कर्मचारियों को क्यों नहीं मिलता लाभ

1 अक्टूबर 2022 से अटल पेंशन योजना के नियमों में बदलाव किया गया है. इसके तहत जो भी व्यक्ति आयकर के दायरे में आता है, वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता.

सरकारी कर्मचारी—चाहे वे केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सरकारी कंपनियों में कार्यरत हों—पहले से ही ओपीएस, एनपीएस या यूपीएस जैसी पेंशन योजनाओं के अंतर्गत आते हैं. इन योजनाओं में पंजीकरण होने के कारण वे अटल पेंशन योजना के लिए अयोग्य हो जाते हैं. इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी आमतौर पर आयकरदाता भी होते हैं, इसलिए उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है.

निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को क्यों नहीं मिलता लाभ

निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी अटल पेंशन योजना में शामिल नहीं किया जाता. इसकी वजह यह है कि वे पहले से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और अन्य पेंशन व्यवस्थाओं के अंतर्गत आते हैं. पीएफआरडीए के जरिए उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ मिलता है. साथ ही, निजी क्षेत्र के अधिकांश कर्मचारी भी आयकर के दायरे में आते हैं, इसलिए वे भी अटल पेंशन योजना के पात्र नहीं होते.

अटल पेंशन योजना में कितना मिलता है रिटर्न

अटल पेंशन योजना में कोई तय ब्याज दर नहीं होती, लेकिन इसमें गारंटीड पेंशन का प्रावधान है. निवेशक अपनी उम्र और चुनी गई पेंशन राशि के अनुसार योगदान करते हैं. जमा राशि को शेयर बाजार, डेट और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है.

यदि निवेश से मिलने वाला रिटर्न तय पेंशन देने के लिए कम पड़ता है, तो सरकार उस कमी को पूरा करती है. वहीं, अगर रिटर्न ज्यादा होता है तो पेंशन राशि और नामिनी को मिलने वाला कॉर्पस भी बढ़ सकता है. फिलहाल इस योजना में औसतन करीब 8 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिल रहा है.

अटल पेंशन योजना उन लोगों के लिए है, जिन्हें किसी अन्य सरकारी या निजी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलता. यही वजह है कि सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी इससे बाहर रखे गए हैं, जबकि असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए यह बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार बनी हुई है.