राष्ट्रीय लोक अदालत: एक दिन में 4.81 लाख मामलों का खात्मा; ₹65.97 करोड़ की हुई वसूली

राष्ट्रीय लोक अदालत: एक दिन में 4.81 लाख मामलों का खात्मा; ₹65.97 करोड़ की हुई वसूली

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4.81 Lakh Cases Disposed of in a Single Day

  1. राष्ट्रीय लोक अदालत में 4.81 लाख से अधिक मामले निपटाए गए।

  2. 65.97 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि वसूल की गई।

  3. त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करना मुख्य उद्देश्य रहा।

लखनऊ। National Lok Adalat, जनसामान्य को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकार्ड स्तर पर मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में कुल 4,81,112 मामलों का निस्तारण किया गया और 65.97 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूली गई। कार्यक्रम का आयोजन पुराना उच्च न्यायालय परिसर में प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान की उपस्थिति में हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान को स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव डा. मनु कालिया, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं विशेष न्यायाधीश सीबीआइ सेंट्रल रवीन्द्र कुमार द्विवेदी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जीवक कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक और कर्मचारी मौजूद रहे।

किसने किया कार्यक्रम का संचालन?

कार्यक्रम का संचालन सिविल जज (सीडी) शीतल प्रियदर्शी ने किया। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने कहा कि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया जाना चाहिए, जिससे आमजन को शीघ्र न्याय मिल सके और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हो।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय लखनऊ के साथ-साथ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय परिसर, वाणिज्यिक न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट और जनपद की सभी तहसीलों में भी किया गया।

जनपद न्यायालय में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने 384, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 4076, विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) ने 2065 और अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने मिलाकर कुल 12,607 मामलों का निस्तारण किया। इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 213, वाणिज्यिक न्यायालय में 12 और पारिवारिक न्यायालय में 189 मामलों का निपटारा हुआ।

इन न्यायालयों में लंबित कुल 19,546 मामलों के निस्तारण के साथ 52.33 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व से जुड़े 1,01,163, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जुड़े 2,99,679, बैंक रिकवरी के 1695, वैवाहिक विवादों के 52 तथा अन्य 58,977 मामलों सहित कुल 4,61,566 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 13.64 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई।

रक्तदान शिविर का भी हुआ आयोजन

न्यायालय परिसर में वादकारियों और आमजन के लिए मेगा हेल्थ कैंप और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।