3-day ultimatum to Masoom Sharma: Mahapanchayat of Sarpanches warns of show ban

मासूम शर्मा को 3 दिन का अल्टीमेटम: सरपंचों की महापंचायत ने शो बैन की चेतावनी दी

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3-day ultimatum to Masoom Sharma: Mahapanchayat of Sarpanches warns of show ban

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित कलाकार Masoom Sharma इन दिनों एक नए विवाद में घिर गए हैं। जींद जिले के हैबतपुर गांव में आयोजित हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की महापंचायत में उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया। सरपंचों ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए उन्हें तीन दिन का अल्टीमेटम जारी किया है।

महापंचायत में क्या हुआ फैसला?

महापंचायत में मौजूद सरपंचों ने आरोप लगाया कि हाल ही में जींद के एक निजी कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों—सरपंच, विधायक और मंत्री—के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की।

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे हरियाणा में सरपंच समुदाय में नाराजगी फैल गई। इसी के मद्देनजर हैबतपुर में पंचायत बुलाई गई, जहां सामूहिक निर्णय लिया गया।

3 दिन का अल्टीमेटम

सरपंचों ने साफ कहा है कि यदि तीन दिन के भीतर मासूम शर्मा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो राज्यभर के गांवों में उनके कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

निर्णय के अनुसार:

  • गांव स्तर पर उनके शो का बहिष्कार किया जाएगा।

  • पंचायतें अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रमों की अनुमति रोक देंगी।

  • राज्य स्तर पर भी उनके आयोजनों को प्रभावित करने की रणनीति बनाई जाएगी।

यह निर्णय हरियाणा के ग्रामीण सांस्कृतिक आयोजनों पर बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि अधिकतर स्टेज शो पंचायतों की सहमति से ही आयोजित होते हैं।

एसोसिएशन के प्रधान का बयान

महापंचायत में मौजूद Haryana Sarpanch Association के प्रधान रणबीर समैन ने कहा कि कलाकार को अपने शब्दों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

उनके अनुसार, “मासूम शर्मा खुद को लखमी चंद के बराबर बताते हैं। उनके भाई ने गांव में आकर माफी मांगी है, लेकिन इस मामले में गलती मासूम शर्मा की है। इसलिए माफी भी उन्हें ही सार्वजनिक रूप से मांगनी होगी।”

यहां ‘लखमी चंद’ से आशय प्रसिद्ध हरियाणवी लोककवि Lakhmi Chand से है, जिनका ग्रामीण समाज में विशेष सम्मान है।

विवाद की जड़ क्या है?

जानकारी के अनुसार, जींद के एक निजी कार्यक्रम में स्टेज के दौरान मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच को नीचे उतरने के लिए कहा और “70 सरपंच हांडै” जैसी टिप्पणी की। इस वाक्य को सरपंचों ने अपमानजनक बताया।

हालांकि बाद में मासूम शर्मा ने सफाई दी कि यह एक हरियाणवी कहावत है और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं। लेकिन सरपंच एसोसिएशन इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ।

आगे क्या?

अब पूरा मामला कलाकार की अगली प्रतिक्रिया पर निर्भर है। यदि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं तो विवाद थम सकता है। अन्यथा हरियाणा के गांवों में उनके सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर व्यापक रोक लग सकती है, जिससे उनके करियर और आयोजनों पर सीधा असर पड़ सकता है।

फिलहाल, तीन दिन की समयसीमा पर सबकी नजरें टिकी हैं।