उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास की 12 सर्किट रणनीति

उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास की 12 सर्किट रणनीति

12 Circuit Strategy for Tourism

12 Circuit Strategy for Tourism Development in Uttar Pradesh

  1. पर्यटन मंत्री ने 12 सर्किट में विकास की रणनीति बताई।

  2. डॉ. रागिनी सोनकर ने कुपोषण पर सरकार को घेरा।

  3. आंगनबाड़ी में पोषण राशि को अपर्याप्त बताया गया।

लखनऊ। विधान सभा में सोमवार को पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा भी उठा। मंत्री जयवीर सिंह ने सरकार द्वारा परियोजनाओं और उसके बजट के आंकड़ों से विपक्ष को जवाब दिया।

सपा सदस्य कमाल अख्तर और नफीस अहमद ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और नई पर्यटन नीति को लेकर सरकार से सवाल पूछे थे। मंत्री ने बताया कि 12 पर्यटन सर्किट में विभाजित कर समग्र विकास की रणनीति अपनाई है।

इनमें रामायण, कृष्ण-ब्रज, बौद्ध, महाभारत, शक्तिपीठ, आध्यात्मिक, सूफी-कबीर, जैन, बुंदेलखंड, इको टूरिज्म, वन्यजीव एवं पर्यावरण व शिल्प और स्वतंत्रता संग्राम सर्किट शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि इन सर्किटों का गठन किसी धर्म या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि सभी समुदायों और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर किया गया है। वर्ष 2022 से 2025-26 के बीच बौद्ध धर्म से जुड़ी 43, जैन धर्म से संबंधित 30, वाल्मीकि समाज के छह पर्यटन स्थलों पर सुविधा विकसित की।

रविदास समाज के लिए 19, रैदास समाज के लिए एक, कबीर पंथ के सात, गुरुद्वारों के लिए नौ और डा. भीमराव आंबेडकर की स्मृति में पांच परियोजनाएं समेत कुल 110 परियोजनाएं स्वीकृत कर पूरी की गई हैं।

डॉ. रागिनी ने कुपोषण और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर किए तीखे सवाल

विधान सभा में सपा की डा. रागिनी सोनकर ने कुपोषण और आंगनबाड़ी व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे, महिलाएं और किशोरियां कुपोषण की शिकार हैं।

उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य पर भी निशाना साधा। उन्होंने महोबा में सामने आए कथित वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि “पानी ज्यादा और दूध कम” दिए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा कि मंत्री ने भी वह वीडियो देखा होगा और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छह महीने से छह साल तक के बच्चे के लिए आ रुपये, गर्भवती महिला के लिए 9.50 रुपये और किशोरियों के लिए 12 रुपये प्रतिदिन का मानक तय है।

इतनी महंगाई में यह बहुत कम है। मंत्री अनुपूरक प्रश्न का जवाब देने के बजाय लिखित जवाब ही देने लगी। इससे दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।