One becomes a Jain by deeds, not by religion: Governor Gulab Chand Kataria

कर्म से जैन बनता है, धर्म से नहीं : राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

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One becomes a Jain by deeds, not by religion: Governor Gulab Chand Kataria

भगवान महावीर स्वामी के 2425वें जन्म कल्याणक महा महोत्सव (महावीर जयंती) के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जैन धर्म जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से अपनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 2425 वर्ष पहले थे।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि अहंकार, क्रोध और लालच मानवता के पतन के प्रमुख कारण हैं, जबकि महावीर का संदेश पूरी दुनिया को शांति, भाईचारे और आत्मसंयम का मार्ग दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि समाज में संस्कारों की परंपरा मजबूत हो सके।

उन्होंने कहा, “दुनिया को जीतने वाला वीर होता है, लेकिन स्वयं को जीतने वाला महावीर होता है।” उनके अनुसार “मैं” और “मेरी प्रभुता” का अहंकार ही आज विश्व को संघर्ष और युद्ध की ओर धकेल रहा है।


शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

महावीर जयंती के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में भव्य शोभायात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः श्री श्वेताम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-28 से हुआ, जहां राज्यपाल ने भगवान महावीर के दर्शन किए।

इसके बाद भगवान को रथ में विराजमान कर सुबह 9:30 बजे शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकली यह यात्रा बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ आगे बढ़ी और श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-27 पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।


समाज के चारों संप्रदायों की रही भागीदारी

इस आयोजन में जैन समाज के चारों संप्रदायों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। प्रमुख अतिथियों में पवन बंसल, सतपाल जैन, दविंदर बबला, ललित जैन (आईएएस), गौरव जैन (आईआरएस) और संजीव जैन (आईपीएस) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

शोभायात्रा श्री दिगम्बर जैन मंदिर से जैन स्थानक, सेक्टर-18 तक निकाली गई, जिसमें राज्यपाल, उनकी पत्नी अनिता कटारिया तथा हजारों श्रद्धालु पैदल शामिल हुए। मार्ग में सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत एवं जलपान की व्यवस्था की गई।


धार्मिक अनुष्ठान और अभिषेक के साथ समापन

जैन स्थानक पहुंचने पर राज्यपाल का सम्मान किया गया और उन्होंने साध्वियों के दर्शन किए। इसके बाद वे अणुव्रत भवन, सेक्टर-24 पहुंचे, जहां मुनि विनय आलोक के दर्शन किए।

अंत में शोभायात्रा पुनः श्री दिगम्बर जैन मंदिर पहुंची, जहां अहिंसा पार्क स्थित पांडुकशिला पर भगवान महावीर का अभिषेक किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम का समापन “अहिंसा परमो धर्मः” के संदेश के साथ भक्ति, उत्साह और एकता के अद्भुत संगम के रूप में हुआ।