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फिर रुलाने लगा प्याज, कीमतों में तेजी-

फिर रुलाने लगा प्याज, कीमतों में तेजी-

देश के 19 से बड़े शहरों में कीमत पहुंची 50 रुपए प्रति किलो से ऊपर-

नई दिल्ली। प्याज की कीमत एक बार फिर से बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते में प्याज की खुदरा और थोक की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी दर्ज हुई है। खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद ताजा आंकड़ों के मुताबिक 6 जनवरी 2018 तक प्याज की खुदरा कीमत देश के 19 से ज्यादा बड़े शहरों में 50 रुपए प्रति किलो या फिर उससे ज्यादा पहुंच चुकी है। खाद्य मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि प्याज के नए स्टॉक जब मंडियों में पहुंचेंगे तो कीमतों में गिरावट दर्ज होगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के पास मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक 6 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में प्याज की खुदरा बाजार में कीमत 54 रुपए प्रति किलो थी, जबकि दिल्ली, मुम्बई, गुडग़ांव, अमृतसर और सिलिगुड़ी में 50 रुपए प्रति किलो पहुंच चुकी थी।  गाजियाबाद के नवीन सब्जी मंडी में एक हफ्ते पहले 40 किलो प्याज 1300 रुपए के रेट से थोक बाजार में बिक रहा था लेकिन सोमवार को इसकी कीमत 1800 रुपए तक पहुंच गई। साफ  है जब प्याज थोक बाजार में महंगा हुआ तो उसका सीधा असर खुदरा बाजार में पडऩा तय था, जहां वह और महंगा होता दिख रहा है। थोक व्यापारी नदीम ने कहा कि गुजरात से नया माल महंगा आ रहा है। साथ ही नवीन सब्जी मंडी में प्याज की सप्लाई पिछले एक हफ्ते में काफी घट गई है, जिसका असर प्याज की कीमतों पर साफ  दिख रहा है। हाऊसवाइफ  अंजली कपूर और अनु सहगल ने कहा कि कॉलोनियों में खुदरा विक्रेता 60 से 70 रुपए प्रति किलो के रेट से प्याज बेच रहे हैं,जिसकी वजह से वह मंडी में आई हैं। दोनों ने माना कि कीमत बढऩे से उन्होंने प्याज की खपत 50 प्रतिशत तक घटा दी है। मंडी में प्याज का व्यापार कीमतें बढऩे से घटता जा रहा है। प्याज के ऊंचे भाव उपभोक्ताओं के आंसू निकाल रहे हैं लेकिन उन्हें आगे महंगे प्याज से राहत मिलने की संभावना है। कुछ दिन में मुख्य प्याज उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात से नए प्याज की आवक जोर पकड़ सकती है जिससे कीमतों में नरमी आएगी। इस समय महाराष्ट्र के मुख्य उत्पादक जिलों नासिक, अहमदनगर, पुणे और सोलापुर के किसानों ने खेतों से छोटी मात्रा में प्याज निकालना शुरू कर दिया है। अगले 2 सप्ताह के दौरान किसानों द्वारा बड़ी मात्रा में प्याज खेतों से निकाला जाने लगेगा।  अब तक पिछले सीजन में कोल्ड स्टोर में प्याज की उपलब्धता कम होने से प्याज की आपूर्ति कम है। प्याज की बुआई देर से होने के कारण चालू सीजन में प्याज की आवक में भी देरी देखी जा रही है।

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