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इस स्थान पर बैठकर पढ़ें हनुमान चालीसा हर इच्छा पूरी करेंगे संकटमोचन-

इस स्थान पर बैठकर पढ़ें हनुमान चालीसा हर इच्छा पूरी करेंगे संकटमोचन-

हंदू धर्म की बारीकियों को पर्यावरणवादियों ने भी मानना शुरू कर दिया है। अक्सर हिंदू धर्म के लोकपर्व आदि बदलते मौसम में ही आते हैं। खान-पान में संयम और कुछ खाद्य वस्तुओं के त्याग की बात कही जाती है। वहीं कई ऐसे पौधे और वृक्ष हैं जिनसे हमेशा ऑक्सीजन का उत्सर्जन होता रहता है। ऐसे वृक्षों को बहुत ही पूजनीय माना गया है। भगवद्गीता में भगवान ने वृक्षों में स्वयं को पीपल बताया है। पीपल से संबंधित प्रचलित कुछ उपाय यहां दिए जा रहे हैं। ये उपाय करने से स्वास्थ्य व व्यावहारिक जीवन सुखमय होता है, ऐसा माना जाता है।हंदू धर्म की बारीकियों को पर्यावरणवादियों ने भी मानना शुरू कर दिया है। अक्सर हिंदू धर्म के लोकपर्व आदि बदलते मौसम में ही आते हैं। खान-पान में संयम और कुछ खाद्य वस्तुओं के त्याग की बात कही जाती है। वहीं कई ऐसे पौधे और वृक्ष हैं जिनसे हमेशा ऑक्सीजन का उत्सर्जन होता रहता है। ऐसे वृक्षों को बहुत ही पूजनीय माना गया है। भगवद्गीता में भगवान ने वृक्षों में स्वयं को पीपल बताया है। पीपल से संबंधित प्रचलित कुछ उपाय यहां दिए जा रहे हैं। ये उपाय करने से स्वास्थ्य व व्यावहारिक जीवन सुखमय होता है, ऐसा माना जाता है। शास्त्र कहते हैं पीपल देवी लक्ष्मी और शनि देव को बहुत प्रिय है। अत: इस पेड़ की छाया में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से संकटमोचन सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। रविवार को छोड़कर नित्य पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा बनी रहती है। इससे पितरों का आशीष मिलता है। एक लोटे में पानी-दूध, 4 बताशे, 2 लौंग और कुछ काले तिल लेकर पीपल की जड़ में अभिषेक करें। अभिषेक करते हुए? नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें।  पीपल के पेड़ के नीचे नित्य पूजा करने से भगवान नारायण की कृपा होती है। बुरे से बुरे दौर का नाश करने के लिए पीपल के पेड़ तले शिवलिंग की स्थापना करें और प्रतिदिन उसका पूजन करें। बीमारी में पीपल के पेड़ की पूजा कर अपने बाएं हाथ से पीपल को छूकर बीमारी दूर करने का निवेदन करना चाहिए।  व्यवसाय में बढ़ौतरी के लिए शनिवार को पीपल का एक पत्ता लें। उसे शुद्ध जल से धो कर उस पर चंदन से स्वास्तिक बनाकर व्यापार में वृद्धि की प्रार्थना करें।  उसे अपनी व्यावसायिक स्थान की तिजोरी में रख दें। ऐसा 7 शनिवार करें।

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