ईरान में और आग भड़काने की कोशिश में रजा पहलवी, नया वीडियो आया सामने, जानें सेना से क्या की अपील

Reza Pahlavi Urges Iranians

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वॉशिंगटन: Reza Pahlavi Urges Iranians: ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और देश की सेना से अपील करते हुए कहा कि दुनिया ने न सिर्फ प्रदर्शनकारियों की हिम्मत और आवाज को देखा और सुना है, बल्कि कार्रवाई भी कर रही है.

उन्होंने नागरिकों और देश की सेना से खामेनेई शासन के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को आखिरकार जवाबदेह ठहराया जाएगा. सोशल मीडिया 'एक्स' पर शेयर किए गए एक मैसेज में पहलवी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी है, और कहा है कि ईरानियों की आवाज देश की सीमाओं के बाहर भी सुनी जा रही है.

प्रदर्शनकारियों को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरे देशवासियों जैसा कि मैंने आपको अपने पिछले संदेश में बताया था, दुनिया ने न केवल आपका साहस और आपकी आवाज देखी और सुनी है, बल्कि कार्रवाई भी कर रही है. अब तक, आपने निस्संदेह अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश सुन लिया होगा. मदद आ रही है.'

इसके अलावा, पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से मजबूत बने रहने की अपील की और उनसे अनुरोध किया कि वे खेमेनी सरकार को हालात को सामान्य दिखाने न दें. उन्होंने कहा, 'संघर्ष जारी रखें. इस सरकार को हालात को सामान्य न दिखाने दें, और कहा कि हिंसा के पैमाने ने लोगों और सत्ताधारी सिस्टम के बीच रिश्ते को हमेशा के लिए बदल दिया है.' उन्होंने कहा, 'इतनी सारी हत्याओं के बाद हमारे और इस सरकार के बीच खून का एक समुद्र है.'

देश से बाहर निकाले गए क्राउन प्रिंस ने नागरिकों से विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए कथित दुर्व्यवहारों को डॉक्यूमेंट करने की अपील की. ​​उन्होंने कहा, 'इन अपराधियों के नाम लिखो. एक दिन, उन्हें अपने कामों के लिए न्याय का सामना करना पड़ेगा.' ईरान के सुरक्षा बलों और मिलिट्री कर्मियों से सीधे अपील करते हुए, पहलवी ने देश को उसके मौजूदा शासकों से अलग करने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, 'और मेरे पास मिलिट्री कर्मियों के लिए एक खास संदेश है, आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, न कि इस्लामिक रिपब्लिक की सेना.' उन्होंने उनसे ऐसे आदेशों को मानने से इनकार करने के लिए कहा जो नागरिकों को नुकसान पहुंचाते हैं और प्रदर्शनकारियों का साथ देने के लिए कहा. अपने साथी देशवासियों की जान की रक्षा करना आपका कर्तव्य है.'

आपके पास ज्यादा समय नहीं बचा है. जितनी जल्दी हो सके लोगों से जुड़ें,' पहलवी ने आगे कहा. पहलवी 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से निर्वासन में रह रहे हैं, जब उनके पिता, ईरान के आखिरी शाह को सत्ता से हटा दिया गया था और मौजूदा सिस्टम सत्ता में आया था. उन्होंने कहा कि वह ट्रंप प्रशासन के संपर्क में हैं, हालांकि उन्होंने अपनी बातचीत की डिटेल्स नहीं बताई. इस बीच एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी मेजॉरिटी ने जनता से खामेनेई शासन को बदलने का आग्रह किया.

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान में दिसंबर के आखिर से लगातार देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ सरकारें इसे विदेशी उकसावे वाले दंगे बताकर चिंता जता रही हैं, जबकि अन्य ने ईरानी अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक व्यवहार करने का आरोप लगा है. मरने वालों में 505 प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जिनमें नौ बच्चे भी हैं, साथ ही ईरान की सेना और सुरक्षा बलों के 133 सदस्य, एक अभियोजक और सात आम नागरिक भी शामिल हैं जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे.