चानौत में पानी को लेकर बवाल, पुलिस-ग्रामीणों में हिंसक झड़प; 1500 अज्ञात लोगों समेत कई पर केस दर्ज
Violent Clash Erupts Over Water
हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चानौत (चैनत) गांव में पेयजल संकट को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही मुख्य पेयजल पाइपलाइन में टी-कनेक्शन जोड़ने और उसे हटाने को लेकर पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच भारी तनाव पैदा हो गया, जिसके बाद पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की नौबत आ गई।
पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए गांव के सरपंच, पूर्व सरपंच समेत छह नामजद व्यक्तियों और करीब 1500 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। स्थिति को देखते हुए गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, चानौत गांव के निवासी पिछले 39 दिनों से पेयजल की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। ग्रामीणों ने शनिवार को राजली हेड से हांसी तक बिछाई जा रही लगभग 80 करोड़ रुपये की मुख्य पाइपलाइन में 6 इंच का कनेक्शन जोड़ दिया था। ग्रामीणों ने इसे अपनी मांगों की जीत बताया, जबकि प्रशासन ने इस कनेक्शन को अवैध करार दिया।
सोमवार देर रात जिला प्रशासन की टीम, जिसमें Rahul Narwal और Vinod Kumar शामिल थे, भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासन ने पाइपलाइन से जोड़े गए कनेक्शन को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
जैसे ही कार्रवाई की सूचना ग्रामीणों तक पहुंची, बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने पर पथराव शुरू हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए।
मंगलवार को प्रशासन ने भाखड़ा नहर से हांसी तक बिछाई जा रही पाइपलाइन का कार्य दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में काम शुरू किया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्य फिर से रोकना पड़ा।
करीब 40 दिनों से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी, जबकि ग्रामीण अपनी पानी की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।