बीएचयू में बन रहा अत्याधुनिक नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग, मुख्यमंत्री योगी ने किया निरीक्षण

bhu-1781339102967_v

State-of-the-art National Centre of Ageing coming

वाराणसी। State-of-the-art National Centre of Ageing coming, राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र (नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग, NCA) के उद्घाटन से पूर्व उसकी तैयारियों की समीक्षा हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शन‍िवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी एवं निदेशक, आईएमएस-बीएचयू ने नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग परिसर में उनका स्वागत किया।

नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति एवं प्रत्येक तल की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि केंद्र का प्रारम्भिक संचालन भूतल एवं प्रथम तल पर 52 बिस्तरों के साथ शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया तथा कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शेष फिनिशिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को मानव संसाधन, उपकरणों एवं फर्नीचर की उपलब्धता की स्थिति से भी अवगत कराया। हाइट्स (HITES) के मुख्य अभियंता के.सी. वर्मा ने जानकारी दी कि केंद्र 30 जून तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग का विकास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय वरिष्ठ जन स्वास्थ्य योजना (NPHCE) के अंतर्गत किया जा रहा है। यह वृद्धजनों के लिए समर्पित एक स्वतंत्र बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) संस्थान है, जो न केवल समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा, बल्कि विभिन्न चिकित्सा विषयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण का केंद्र भी होगा। केंद्र में जेरियाट्रिक मेडिसिन, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सर्जरी सहित अनेक विभाग अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे।

120 सामान्य वार्ड बेडों के अतिरिक्त, केंद्र में 38 क्रिटिकल केयर बेड, डे-केयर यूनिट, डायलिसिस यूनिट, प्री एवं पोस्ट-ऑपरेटिव कक्ष, फिजियोथेरेपी यूनिट, स्लीप लैब, निजी कक्ष, रेडियो-डायग्नोस्टिक सुविधाएँ तथा मल्टीस्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे वृद्ध रोगियों को एक ही छत के नीचे व्यापक एवं समन्वित चिकित्सा सेवाएँ प्राप्त हो सकेंगी।

इस दौरान प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री से बीएचयू के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव का सकारात्मक स्वागत किया तथा राज्य में वृद्धजनों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।