उत्तर प्रदेश को विकास और शिक्षा की नई दिशा: मुख्यमंत्री योगी के बड़े फैसले
Uttar Pradesh gets a new direction in Development and Education
Uttar Pradesh gets a new direction in Development and Education: यूपी के समग्र विकास को और गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब हर महीने के तीसरे सोमवार को बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रमुख परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जा सकेगा। आनलाइन समीक्षा बैठक दोपहर तीन से चार बजे के मध्य होगी।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने इसे लेकर सभी विभागों को विस्तृत निर्देश दिए हैं। कहा है कि बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। संबंधित मंडलायुक्त, जिलाधिकारी व विभागाध्यक्ष भी आनलाइन बैठक में जोड़े जाएंगे। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन हर माह बड़े महत्व व अधिक लोगों से जुड़ी 10 परियोजनाओं व कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री के सामने समीक्षा के लिए प्रस्तुत करेगा। ऐसी परियोजनाएं भी चुनी जाएंगी, जिनमें राज्य व केंद्र के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।
आरटीई में अनाथ बच्चों को भी मिलेगा मुफ्त दाखिला
उधर, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत अब अनाथ बच्चों को भी चिह्नित कर निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला दिलाया जाएगा। यह अनाथ बच्चे जिस अनाथालय, बालगृह या जिस परिवार के साथ रह रहे होंगे, उसे अभिभावक मानकर उसके आधार कार्ड लेकर इन्हें प्रवेश दिया जाएगा। ड्रेस व स्टेशनरी इत्यादि के लिए पांच हजार रुपये भी इसी अभिभावक के आधार सीडेड बैंक खाते में भेजी जाएगी।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब परिवार के बच्चों को मुफ्त दाखिला दिया जाता है। अब गरीब परिवार के साथ ही यह अनाथ बच्चे भी नर्सरी व कक्षा एक में निजी स्कूलों में प्रवेश पाएंगे। अब निजी स्कूलों की संख्या बढ़कर 67 हजार हो गई है। पिछले वर्ष तक यह संख्या 62 हजार थी। ऐसे में अब सीटों की संख्या भी बढ़कर 6.70 लाख हो गई है।
स्कूल शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जल्द आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। अधिक से अधिक बच्चों के प्रवेश पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक निजी स्कूलों को प्रति छात्र प्रति महीने 450 शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है।