यूपी में पैतृक संपत्ति और किराया एग्रीमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव, योगी सरकार ने दी राहत

UP Cabinet Meeting

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UP Cabinet Meeting: यूपी सरकार ने किराएदार और मकान मालिकों के बीच होने वाले रेंट एग्रीमेंट को लेकर बड़ी राहत दी है। साथ ही आवासीय व कृषि की तरह औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को 5000 रुपये में अपनों के नाम पर करने की सुविधा दे दी है। इसके साथ उसे एक प्रतिशत निबंधन शुल्क भी देना होगा। यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से संपत्ति को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी तो वहीं रेंट एग्रीमेंट को लेकर मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाला मन-मुटाव पर खत्म हो जाएगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं।

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि इस फैसले से पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियों के दान पर स्टांप शुल्क कम देना होगा। भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 में अभी तक दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टांप शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम-1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।

किराया रजिस्ट्रेशन पर 90% तक शुल्क में कटौती

योगी सरकार ने मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले रेंट एग्रीमेंट में भी बदलाव कर दिया है। योगी सरकार ने किराया रजिस्ट्रेशन को बेहद आसान और सस्ता बना दिया है। स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कमी की गई है। नई दरों के अनुसार अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराया श्रेणियों में पहले की तुलना में शुल्क में भारी गिरावट आई है, जिससे आम नागरिक आसानी से रेंट एग्रीमेंट का पंजीकरण करा सकेंगे।

योगी सरकार ने सरल की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया

स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग ने तीन अगस्त 2023 की अधिसूचना जारी करते हुए अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों में करने के लिए छूट देते हुए 5000 रुपये स्टांप पर करने की सुविधा दी थी। उस समय यह छूट केवल आवासीय व कृषि संपत्तियों पर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और व्यासायिक संपत्तियों को परिवारिक सदस्यों के बीच 5000 रुपये के स्टांप पर करने की सुविधा दे दी है। इससे परिवारों के बीच संपत्तियों के बंटवारे की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।

5000 रुपये के स्टांप से संपत्तियों के हो जाएगा बंटवारा

सीएम योगी ने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो उसे सर्किल रेट के बराबर पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ता था। यह शुल्क शहर में सात प्रतिशत और गांवों में पांच प्रतिशत था। मुख्यमंत्री ने पहले चरण में आवासीय और कृषि संपत्तियों के बंटवारे की सुविधा दी थी और अब औद्योगिक व व्यावसायिक संपत्तियों पर भी दे दी है। उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी होने की तिथि से यह सुविधा प्रभावी होगी। इसके बाद 5000 रुपये के स्टांप पर संपत्तियों का बंटवारा अपनों के बीच आसानी से किया जा सकेगा।