यूपी में बूथ प्रबंधन और मतदाता पुनरीक्षण अभियान: भाजपा की रणनीति

Booth Management And Voter Revision Drive In UP

Booth Management And Voter Revision Drive In UP

Booth Management And Voter Revision Drive In UP : यूपी में भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने 1991 में चुनावी जीत के लिए "वन बूथ-20 यूथ" का नारा दिया था। इसके बाद से भाजपा ने सत्ता और विपक्ष के कई दौर देखे, लेकिन मतदान से पहले पोलिंग एजेंट की तलाश का सिलसिला कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया। हालाँकि, मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) ने उस नारे को नई गति दी है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी बूथ प्रबंधन में सक्रिय हुई और इसे बीएलए-2 पोलिंग एजेंट भी उपलब्ध हुए। यह रणनीति आगामी 2027 के चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है।

बूथ प्रबंधन और चुनावी नारे

भाजपा हर चुनाव में बूथ प्रबंधन को लेकर अलग-अलग नारे बुलंद करती रही है। "बूथ जीता-चुनाव जीता" और 2014 के बाद मोदी मैजिक ने पार्टी को यूपी में मजबूत बनाया। इसके अलावा "यूपी प्लस योगी" जैसे नारे भी जोड़कर रणनीति को और प्रभावी बनाया गया। फिर भी असली चुनौती बूथ प्रबंधन का कार्य अधूरा रहना रही। पार्टी के लिए ऐसे कार्यकर्ताओं की तलाश जरूरी है, जो अपने बूथ के 200 से 250 परिवारों की जानकारी रख सकें, चाहे वे समर्थक हों या विरोधी।

बदलाव का असर और संगठनात्मक ढांचा

पार्टी ने कार्यकर्ताओं के ढांचे और बूथ प्रबंधन के पैटर्न में बदलाव किया, जिसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा। पहले पार्टी कार्यक्रमों में चुनिंदा चेहरे ही बार-बार दिखाई देते थे, जबकि संगठन में लंबी-चौड़ी फौज मौजूद थी।

  • एक मंडल में लगभग 80-90 बूथ होते हैं।

  • हर बूथ समिति में 11 कार्यकर्ता शामिल हैं, यानी एक मंडल में लगभग 1000 पदाधिकारी

  • एक विधानसभा में औसतन 5 मंडल, यानी लगभग 5000 पदाधिकारी कार्यकर्ता

इस नई संरचना के चलते बूथ लेवल पर संगठनात्मक गठन अब साफ दिखाई दे रहा है।

एसआईआर अभियान: ताकत और निगरानी

मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रदेश महामंत्री और MLC गोविंद नारायण शुक्ला के संयोजन में 5 सदस्यीय समिति इस काम की निगरानी कर रही है।

  • प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और संजिव शर्मा सह संयोजक हैं।

  • पार्टी ने सरकारी बीएलओ के अलावा अपने बीएलए-1 और बीएलए-2 भी नियुक्त किए हैं।

  • हर बूथ पर प्रवासी कार्यकर्ताओं की तैनाती की जा रही है।

  • प्रदेश मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने यूपी में इस अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त किया।