मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण न देने वाले 42% पुलिसकर्मियों का जनवरी वेतन रोकेगा विभाग

मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण न देने वाले 42% पुलिसकर्मियों का जनवरी वेतन रोकेगा विभाग

Yogi Action Government Employees Property Details

Yogi Action Government Employees Property Details

Yogi Action Government Employees Property Details: यूपी के अलग-अलग विभागों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रॉपर्टी की घोषणा के मामले में योगी सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। 31 जनवरी तक मौका है। यदि तब तक भी इन्होंने अपनी प्रॉपर्टी का ब्योरा नहीं दिया तो जनवरी महीने की उनकी सैलरी रुक सकती है। बताया जा रहा है कि करीब 42 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने अभी तक अपनी प्रॉपर्टी का ब्योरा नहीं दिया है। यह नियम बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक भी शामिल हैं। उन्हें भी 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना है। वहीं, पिछले दिनों मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इसे लेकर सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया था कि जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रॉपर्टी का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होगा उन्हें ही फरवरी में जनवरी महीने का देय वेतन मिलेगा।

निकाय कर्मियों को भी देनी होगी संपत्तियों की जानकारी

राज्यकर्मियों की तरह निकाय कर्मियों को भी संपत्तियों का ब्योरा 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से देना होगा। स्थानीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के आधार पर निकायों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्तियों का ब्योरा देना है। इसके बाद भी देखने में आया है कि कार्मिक संपत्तियों का ब्योरा देने में आनाकानी करते हैं। इसलिए शासन स्तर पर तय किया गया है कि संपत्तियों की जानकारी न देने वाले कार्मिकों की पदोन्नति रोक दी जाएगी।

स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में 762 निकाय हैं। राज्यकर्मियों की तरह निकाय कर्मियों को भी हर साल संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन देनी चाहिए, लेकिन इसमें आनाकानी की जाती है। इसीलिए शासन स्तर पर तय किया गया है कि इस बार निकाय कर्मियों को भी राज्यकर्मियों की तरह अनिवार्य रूप से संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन देनी होगी।

स्थानीय निकाय निदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी निकाय कर्मी 31 जनवरी तक वर्ष 2025-26 में अर्जित संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन कर दें। संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन न देने पर उनकी पदोन्नति रोक दी जाएगी। विभागध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे इस बार अनिवार्य रूप से संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन कराएं। संपत्तियों का ब्योरा न देने वालों की पदोन्नति रोकने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई की जाए।