महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर समर पैलेस में गुरमति समागम, विरासत संरक्षण का दिया गया संदेश
- By Gaurav --
- Monday, 29 Jun, 2026
SGPC Holds Gurmat Samagam at
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा अमृतसर स्थित रामबाग (कंपनी बाग) में महाराजा रणजीत सिंह से संबंधित सिख विरासत स्थल समर पैलेस में उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर विशेष गुरमति समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार तथा तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने विशेष रूप से शामिल होकर महाराजा रणजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। संगत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह का जीवन गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा, विनम्रता और न्याय का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह ने ऐसा विशाल खालसा राज स्थापित किया, जहां प्रत्येक धर्म और वर्ग के लोगों को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त था। उनके शासन की ईमानदारी और न्यायप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग बिना किसी भय के जीवन व्यतीत करते थे।
उन्होंने कहा कि श्री अमृतसर स्थित महाराजा रणजीत सिंह का ऐतिहासिक महल और रामबाग हमारी अमूल्य विरासत हैं। पिछले वर्ष से यहां महाराजा साहिब की स्मृति को समर्पित कार्यक्रमों की शुरुआत की गई थी, जिसे इस वर्ष भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी तथा अन्य सिख संस्थाओं के सहयोग से जारी रखा गया है। उन्होंने संगत विशेषकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे महाराजा रणजीत सिंह के ऐतिहासिक महल को देखने अवश्य आएं और अपनी विरासत से जुड़ें। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल का बेहतर संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके भीतर चल रही गैर-सिद्धांतिक गतिविधियों को बंद कर इसे पूर्ण रूप से विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह केवल सिखों के ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब और पंजाबियत के नायक थे।
समागम के दौरान जहां सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन किया, वहीं ढाडी भाई गुरभेज सिंह चविंडा, भाई सतनाम सिंह भालोवाली, भाई गुरजिंदर सिंह राही तथा भाई मलकीत सिंह वरपाल के जत्थों ने भी इतिहास का वर्णन किया। इस अवसर पर सरदार राजिंदर सिंह मरवाह, एडवोकेट सिमरनजीत सिंह तथा हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढोटियां ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समागम में शिरोमणि कमेटी के अतिरिक्त सचिव सरदार बिजै सिंह, उप सचिव सरदार गुरमीत सिंह मुक्तसरी, श्री दरबार साहिब के मैनेजर सरदार मेजर सिंह, सरदार राजिंदर सिंह रूबी सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी।