पंजाब के सरपंचों को बड़ी सौगात: मानदेय में पांच गुना बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

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Big gift for Punjab's Sarpanchs

 बठिंडा। Big gift for Punjab's Sarpanchs, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ग्राम पंचायतों को मजबूत करने और गांवों के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरपंचों के मासिक मानदेय में पांच गुना वृद्धि का एलान किया है।

बठिंडा में आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से पंजाब के प्रत्येक सरपंच को 2,000 रुपये के स्थान पर 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच गांवों के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात कार्य करते हैं। ऐसे में उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी न केवल सरपंचों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें गांवों के विकास कार्यों में और अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगी।

जनकल्याण के लिए और बड़े फैसले लेगी मान सरकार

मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं और सरपंच गांवों की सेवा में निरंतर जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही पंजाब की तरक्की का आधार है और राज्य सरकार जनकल्याण के लिए ऐसे फैसले आगे भी लेती रहेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन उसे कभी पूरा नहीं किया गया। उनकी सरकार ने पहले सरपंचों को 2,000 रुपये मानदेय देना शुरू किया और अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सरपंचों और पंचों का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत राज संस्थाएं लोकतंत्र की नींव हैं और देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। इसलिए पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सरपंचों और पंचों का अहम योगदान होता है।

भगवंत मान ने सरपंचों से आह्वान किया कि वे गांवों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों के विकास के लिए पर्याप्त अनुदान जारी कर रही है और इन निधियों का उपयोग पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए।

सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया जनता के हित में खर्च होना चाहिए। उन्होंने सरपंचों को गुटबाजी और अनावश्यक हस्तक्षेप से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि अतीत में कई गांवों में विकास कार्य गुटबाजी के कारण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुने जाने के बाद सरपंच किसी एक समूह का नहीं बल्कि पूरे गांव का प्रतिनिधि होता है और उसे सभी लोगों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।

उन्होंने सरपंचों से गांवों को नशा मुक्त बनाने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और भाईचारे को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

सरपंच गांवों के विकास की रीढ़ 

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुस्तकालय, स्कूलों के विकास और सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों की स्थापना जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदार और समर्पित सरपंच गांवों के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब के गांव विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा राज्य को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।