"पंजाब नहीं, अपनी कुर्सी की चिंता": बिक्रम सिंह मजीठिया का भगवंत मान पर प्रहार

"पंजाब नहीं, अपनी कुर्सी की चिंता": बिक्रम सिंह मजीठिया का भगवंत मान पर प्रहार

"Not Punjab, but Concern for His Own Chair"

चंडीगढ़। "Not Punjab, but Concern for His Own Chair" -- शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने राष्ट्रपति से मीटिंग के दौरान पंजाब का कोई भी मुद्दा न उठाने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे पंजाब और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से मिलेंग और मुख्यमंत्री जेल में बंद सिखों की रिहाई, एसवाईएल, पंजाब में ड्रग्स की महामारी, गैंगलैंड, खराब कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और कर्ज समेत पंजाब के गंभीर मुद्दे राष्ट्रपति के सामने उठाएंगे और राष्ट्रपति से उन्हें हल करने की गुजारिश करेंगे।

मजीठिया ने कहा कि उन्हें पंजाब की ज़रा भी चिंता होती तो वे ऐसा करते, क्योंकि मुख्यमंत्री को पंजाब से ज़्यादा आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों और अपनी सरकार गिरने की चिंता थी।

सीएम पर कसा निशाना

मजीठिया ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलकर बाहर आने के बाद उन्होंने खुद यह बात कही। उनकी बातचीत से यह भी साफ हो गया कि उन्होंने राष्ट्रपति के सामने पंजाब के कितने मुद्दे उठाए हैं। मजीठिया ने कहा कि अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने न तो राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा और न ही पंजाब के मुद्दों को लेकर एक बार भी उनसे मिले, लेकिन अब जब उनकी सरकार जाने वाली है, तो पंजाब के मुद्दों पर बात करने के बजाय वे अपनी गिरती सरकार को बचाने की चिंता में राष्ट्रपति से मिलने चले गए हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा का स्पेशल सेशन भी अपनी गिरती सरकार को बचाने के लिए ड्रामा के तौर पर बुलाया गया था और उस दौरान भी मुख्यमंत्री ने सदन में अपने व्यवहार से देश और विदेश में पंजाब को बदनाम किया था। उन्होंने पंजाबियों के सामने अपना चेहरा बेनकाब कर दिया है कि उनको पंजाब के मुद्दों की नहीं बल्कि अपनी ओर अपनी सरकार की चिंता है।