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लापता पर्वतारोहियों की खोज के लिए कल चलाया जायेगा नया अभियान

नैनीताल। नंदा देवी अभियान पर गये लापता विदेशी पर्वतारोहियों का पता लगाने के लिये वायुसेना और भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अब नयी रणनीति और नयी कार्ययोजना के तहत कल अभियान चलायेगी।

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डा0 विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि दस लाख रूपये का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस अभियान में भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। श्री जोगदंडे ने बताया कि मंगलवार से अभियान को संचालित किया जाएगा।

आईटीबीपी के उप महानिरीक्षक एपीएस निम्बाडिया की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार पूरे अभियान में 20 से 25 दिन का समय लग सकता है। इस अभियान में दस लाख रूपये खर्च होंगे और इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है। इस अभियान को 32 सदस्य अंजाम देंगे। इनमें 18 आईटीबीपी के विशेष प्रशिक्षित पर्वतारोही शामिल होंगे।

विषम भौगोलिक परिस्तिथियों तथा खराब मौसम को देखते हुए आईटीबीपी के नेतृत्व में खोजी दल अब बर्फ को चीरते हुए खतरनाक नंदा देवी शिखर तक पहुंचेंगे।

उन्होंने बताया कि अभियान दल के सदस्य नंदा देवी (ईस्ट) के आधार शिविर से पैदल आगे की ओर बढेंगे। ये सदस्य वहां तक जायेंगे जहां पर्वतारोहियों के लापता होने और वायुसेना के दल को कुछ शव दिखायी दिये थे। दल मौके पर पहुंच कर लापता पर्वतारोहियों का पता लगायेगा। उनके शवों को सुरक्षित स्थान पर एकत्र करेगा जहां से फिर वायुसेना के हेलीकाप्टर की मदद से उन्हें पिथौरागढ़ लाया जायेगा।

इस अभियान में आधुनिकतम उपकरणों व संचार तकनीक को उपयोग में लाया जाएगा। वायुसेना के हेलीकाप्टर से उपकरणों व रसद सामग्री को नंदा देवी के आधार शिविर तक पहुंचाया जायेगा। इस दल में राष्ट्रीय और राज्य आपदा नियंत्रण बल के 14 सदस्य भी शामिल होंगे। जो कि आइटीबीपी की मदद के लिये आधार शिविर में तैनात रहेंगे। इस पूरे अभियान को आईटीबीपी के आरएस सोनाल के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नंदा देवी शिखर पर गया विदेशी पर्वतारोहियों को एक दल पिछले एक पखवाड़े से लापता है। दल 26 मई से लापता बताया जा रहा है। दल में सात पर्वतारोही विदेशी और एक भारतीय शामिल हैं। यह दल पिछले 10 मई को नंदा देवी (ईस्ट) के अभियान पर निकला था। पर्वतारोहियों का दल वापसी के समय हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। 

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