यूपी में 'ऑपरेशन साइबर-वज्र' का महा-एक्शन: 773 साइबर ठग गिरफ्तार, 1158 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
Operation Cyber-Vajra
लखनऊ। Operation Cyber-Vajra: पुलिस ने 'ऑपरेशन साइ-वज्र' अभियान के तहत 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। सात दिनों तक चलाए गए प्रदेश स्तरीय अभियान के दौरान पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) में दर्ज शिकायतों में से लगभग 1,158.70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का राजफाश किया है। इसके अलावा 3,866 म्यूल बैंक खातों, 17 अवैध कॉल सेंटर, पांच सिम बाक्स और 11 अवैध सिम विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साइबर अपराध मुख्यालय ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर सात से 13 जुलाई तक राज्य भर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 673 आरोपियों को तहत नोटिस देकर पाबंद किया गया।
जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार व पाबंद किए गए 773 आरोपितों के खिलाफ देशभर में 196 मुकदमे और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 7,989 शिकायतें दर्ज हैं। डीजीपी ने बताया कि इस अभियान के तहत 865 नए मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़े 23 मुकदमे भी शामिल हैं।
7,989 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज मिलीं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अभियान के दौरान 1,158.70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामलों का राजफाश किया गया है। साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए 3,866 लिंक म्यूल बैंक खातों को भी बंद कराया गया है।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को तेजी से इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए करते हैं।
53 लाख की नकदी और 911 मोबाइल बरामद
एक सप्ताह के अभियान में साइबर अपराधियों से पुलिस ने 53.35 लाख रुपये की नकदी और 911 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साथ ही 75 लैपटाप और डेस्कटाप, 1,270 सिम कार्ड, 648 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 110 अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (पेन ड्राइव, राउटर, सीपीयू), 37 लाख रुपये मूल्य की आनलाइन गेमिंग सामग्री भी बरामद की गई हैं।