Henley Passport Index 2026: भारतीय पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा, लेकिन ईरान और बोलीविया ने कड़े किए एंट्री नियम
- By Gaurav --
- Sunday, 15 Feb, 2026
Henley Passport Index 2026: Indian passport rises to 75th position, but Iran and
अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के लिए ताजा पासपोर्ट रैंकिंग मिश्रित संकेत लेकर आई है। Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index 2026 के अनुसार भारतीय पासपोर्ट ने वैश्विक सूची में 10 स्थानों की छलांग लगाई है और अब 75वें पायदान पर पहुंच गया है। यह सुधार भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और कूटनीतिक पहुंच में वृद्धि को दर्शाता है।
हालांकि इस सकारात्मक प्रगति के बीच दो देशों—Iran और Bolivia—ने भारतीय यात्रियों के लिए प्रवेश नियम सख्त कर दिए हैं, जिससे यात्रा योजनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।
रैंकिंग में सुधार, लेकिन दो देशों में सुविधा खत्म
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार का अर्थ है कि भारतीय नागरिकों को अब अधिक देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन हालिया बदलावों के कारण ईरान और बोलीविया अब उस सूची में शामिल नहीं हैं जहां भारतीय बिना पूर्व वीजा के प्रवेश कर सकते थे।
ईरान: सुरक्षा चिंताओं के कारण बदलाव
ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री समाप्त कर दी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के वर्षों में मानव तस्करी और धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखी गई थी। कई भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी के झांसे में ईरान बुलाया गया।
इन सुरक्षा और दुरुपयोग की आशंकाओं के चलते अब भारतीय यात्रियों को ईरान यात्रा से पहले नियमित वीजा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे अचानक या अल्पकालिक यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बोलीविया: वीजा ऑन अराइवल से ई-वीजा तक
दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपनी वीजा नीति में बदलाव किया है। पहले भारतीय नागरिकों को वहां पहुंचने पर वीजा (Visa on Arrival) मिल जाता था, लेकिन अब इसकी जगह ई-वीजा प्रणाली लागू कर दी गई है।
ई-वीजा के तहत यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन आवेदन कर स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। चूंकि यह पूर्व-अनुमोदन आधारित प्रक्रिया है, इसलिए इसे वीजा-फ्री श्रेणी में नहीं गिना जाता। परिणामस्वरूप, भारतीय पासपोर्ट की कुल वीजा-फ्री गिनती में कमी आई है।
कैसे तय होती है रैंकिंग?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्ट्स की तुलना 227 यात्रा स्थलों से करता है। यह रैंकिंग मुख्यतः International Air Transport Association (IATA) के आधिकारिक डेटा पर आधारित होती है।
भारत की रैंकिंग में हालिया सुधार का एक कारण यह भी है कि कई अन्य देशों की वीजा पहुंच में गिरावट आई, जिससे भारत को तुलनात्मक लाभ मिला।
अभी भी मजबूत है भारत की ‘मोबिलिटी’
भले ही ईरान और बोलीविया ने नियम कड़े किए हों, लेकिन भारतीय नागरिक अभी भी दुनिया के कई देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
कुल मिलाकर, भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती ताकत भारत के मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों, वैश्विक स्वीकार्यता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का संकेत देती है। हालांकि यात्रियों को अब पहले से अधिक सतर्क योजना बनानी होगी, विशेषकर उन देशों के लिए जहां प्रवेश नियमों में हाल ही में बदलाव हुआ है।