आय से अधिक संपत्ति मामला: चंडीगढ़ पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी ने ज्वेलरी रिलीज के लिए अदालत का रुख किया
- By Gaurav --
- Saturday, 31 Jan, 2026
Disproportionate assets case: Chandigarh police inspector's wife moves court for release of jeweller
चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की पत्नी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पिछले दो वर्षों से सीबीआई की हिरासत में पड़ी लगभग 30 लाख मूल्य की ज्वेलरी को रिलीज कराने के लिए सीबीआई विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
चंडीगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर परमजीत कौर ने अदालत में दायर अर्जी में कहा है कि उन्हें यह ज्वेलरी अगले महीने होने वाली उनके भतीजे की शादी के लिए चाहिए। यह ज्वेलरी केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दंपती के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के दौरान जब्त की गई थी।
सीबीएसई दो साल पहले इंस्पेक्टर सेखों और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी ने उनके बैंक खातों की जांच की और कुछ खातों को सील किया था। अर्जी के अनुसार, परमजीत कौर की ज्वेलरी भी ऐसे ही एक सील बैंक खाते में रखी हुई है।
परमजीत कौर ने अपनी अर्जी में दावा किया है कि उक्त ज्वेलरी उन्होंने अपनी स्वयं की कमाई से खरीदी थी और अब जांच में इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि ज्वेलरी रिलीज करने के लिए उन्होंने 21 जनवरी को सीबीआई को पत्र लिखकर आग्रह किया था, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।
सरकारी वकील ने किया अर्जी का विरोध
अर्जी का विरोध करते हुए जांच एजेंसी की ओर से सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि दंपती के खिलाफ जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि एजेंसी उनके बैंक खातों, संपत्तियों और ज्वेलरी की जांच कर रही है और इस स्तर पर जब्त सामान को रिलीज करना जांच को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जांच एजेंसी के वकील ने अदालत से ज्वेलरी रिलीज न करने का अनुरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस अर्जी पर फैसला 31 जनवरी को सुनाए जाने की संभावना है।
परमजीत कौर ने यह भी दलील दी कि सीबीआई पहले ही उनके बैंक लॉकर की जांच कर चुकी है और ज्वेलरी का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। ऐसे में, मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्वेलरी को अपने पास रखना जांच के लिए आवश्यक नहीं है।
यह है मामला
इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों के खिलाफ यह मामला लगभग तीन साल पहले शुरू हुई एक रिश्वत जांच से जुड़ा है। उस मामले में चंडीगढ़ पुलिस के एक कांस्टेबल और दो बिचौलियों को ₹7 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान आरोप सामने आए थे कि यह रिश्वत इंस्पेक्टर सेखों के नाम पर वसूली जा रही थी।
हालांकि रिश्वत मामले में इंस्पेक्टर सेखों की संलिप्तता साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला, लेकिन इसके बाद सीबीआई ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एजेंसी को कथित तौर पर पता चला कि दंपती ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 80 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।