Court Grants Exemption from

मानहानि केस में सुखबीर बादल को अदालत से मिली पेशी से छूट

pp

Court Grants Exemption from

 नौ वर्ष पुराने मानहानि मामले में  सोमवार को सुनवाई के दौरान पंजाब  के  पूर्व  उप  मुख्यमंत्री  और शिरोमणि  अकाली  दल  के  अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
यह अर्जी उनके वकील राजेश कुमार राय के माध्यम से अतरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश की गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13  जुलाई की तिथि निर्धारित की है।

अर्जी में बताया गया कि 15 जून को मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन इसी दिन पंजाब के अहम  मसले को लेकर दिल्ली मे   पार्टी की  बैठक होने औए इसमे बड़ी संख्या मे वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेना है जहा उनकी उपस्थिति बेहद जरूरी है l

अर्जी में अदालत को आश्वस्त किया गया कि  सुखबीर सिंह बादल अगली सुनवाई पर निश्चित रूप से स्वयं उपस्थित होंगे। साथ ही स्पष्ट किया गया कि उनकी अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों के कारण है।
अदालत ने इन तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए  पेशी से छूट प्रदान कर दी।

अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद  सुखबीर सिंह बादल जनवरी  में अदालत में पेश हुए थे।
यह मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें मोहाली निवासी और अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने जिला अदालत चंडीगढ़ में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत मानहानि की शिकायत दायर की थी।

शिकायत के अनुसार, 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री  अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद,  सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया को दिए बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट बताया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से उनके संगठन की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने अदालत में मानहानि का मामला दायर किया। बिना  संपादित न्यूज दे