चंडीगढ़ हत्याकांड में सिल्वर सूटकेस बना अहम सुराग, CCTV ट्रेल से पुलिस ने दबोचे शूटर
Silver suitcase emerges as a crucial clue in the Chandigarh murder case
चंडीगढ़। Silver suitcase emerges as a crucial clue in the Chandigarh murder case, सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में एक साधारण सा सिल्वर रंग सूटकेस पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।
हत्या के बाद फरार हुए शूटरों की तलाश में जुटी चंडीगढ़ पुलिस को विभिन्न स्थानों से मिली सीसीटीवी फुटेज में आरोपित बार-बार एक ही सूटकेस के साथ नजर आए। इसी सूटकेस ने पुलिस को उनकी गतिविधियों का पीछा करने और अंततः उनकी पहचान तक पहुंचने में मदद की।
जांच के दौरान पता चला कि हत्या के बाद आरोपित चंडीगढ़ से दिल्ली भाग गए थे। दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में ठहरने के बाद आरोपित ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंच गए। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, यात्रा रिकाॅर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही थी।
इस दौरान हर अहम फुटेज में आरोपितों के हाथ में सिल्वर रंग का एक सूटकेस नजर आ रहा था। इसी सूटकेस के जरिए पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चलता रहा। इससे उनकी पहचान करने में भी आसानी होती रही।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और जम्मू-कश्मीर में आरोपितों की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू पुलिस के साथ मिलकर उनके ठिकानों पर दबिश दी और तीनों आरोपितों आर्यन, सन्नी मेहरा और अमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आरोपितों तक पहुंचने में पांच दिन लग गए, लेकिन पुलिस ने इस केस में बड़ी कामयाबी हासिल की।
एनकाउंटर में पुलिस ने पैर में मारी गोली
चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू से आर्यन और सन्नी का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और फिर इन्हें चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ पहुंचते ही धनास के पास क्राइम ब्रांच की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान दोनों शूटरों ने भागने की कोशिश की। उन्होंने एक पिस्टल उठाकर पुलिस पर फायरिंग भी की।

जवाबी हमले में पुलिस ने भी फायरिंग कर दी। इस दौरान दोनों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती किया गया था। पीजीआई में उनका इलाज चला जिसके बाद उन्हें सेक्टर-16 के अस्पताल में भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में तीसरे आरोपित अमित को भी पकड़ चुकी है, जोकि फिलहाल जम्मू पुलिस के पास सात दिन के रिमांड पर है।
दिनदहाड़े की थी कैशियर की हत्या
13 जून को गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर दो शूटर सेक्टर-11 की मार्केट पहुंचे। यहां वह अलग-अलग केमिस्ट की दुकानों पर रेकी करते रहे। फिर अचानक एससीओ नंबर-14 के श्री कुमार केमिस्ट में मास्क पहनकर पहुंचे।
तभी उन्होंने कैशियर जानकी दास पर दो सेकेंड में 13 राउंड फायर कर दिए। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद शूटर दुकान से भागे और उनका एक साथी बाइक पर उनका इंतजार कर रहा था। तीनों बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए थे।
चंडीगढ़ में ही 100 से ज्यादा कैमर जांचे
वारदात को अंजाम देकर आरोपित कजहेड़ी पहुंचे थे। जहां उन्होंने कपड़े बदले और फिर वह बस से दिल्ली पहुंच गए। वहां एक होटल में रुकने के बाद आरोपित ट्रेन पकड़कर जम्मू के लिए रवाना हो गए थे। चंडीगढ़ पुलिस के पास आरोपितों को पकड़ने का एक ही जरिया था, सीसीटीवी कैमरे।
पुलिस ने चंडीगढ़ से दिल्ली और जम्मू तक रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। चंडीगढ़ में ही पुलिस ने 100 से ज्यादा कैमरों की जांच की। इस दौरान आरोपित चंडीगढ़ में 12 सीसीटीवी कैमरों में नजर आए। चंडीगढ़ से जम्मू तक हर फुटेज में उनके हाथ में सूटकेस नजर आ रहा था।