बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी व छत्तीसगढ़ पुलिस के टकराव पर जताई च‍िंंता, बोलीं- फेक न्यूज हेट स्पीच और भड़काऊ भाषण गंभीर मुद्दा
बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी व छत्तीसगढ़ पुलिस के टकराव पर जताई च‍िंंता

बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी व छत्तीसगढ़ पुलिस के टकराव पर जताई च‍िंंता, बोलीं- फेक न्यूज हेट स्पीच औ

बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी व छत्तीसगढ़ पुलिस के टकराव पर जताई च‍िंंता, बोलीं- फेक न्यूज हेट स्पीच और भड़काऊ भाषण गंभीर मुद्दा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा प्रमुख मायावती ने टीवी पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने ट्वीट का कि  फेक न्यूज, हेट स्पीच, भड़काऊ भाषण आदि को लेकर ताबड़तोड़ पुलिस कार्रवाई देश भर में काफी गंभीर रूप धारण कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि जिसके तहत यूपी व छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच कल एक टीवी पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर हुआ टकराव हुआ है। जो कि मीडिया की सुर्खियों में है व जिसकी जबरदस्त चर्चा एवं चिन्ता की लहर भी। इस प्रकार के दुःखद घटनाक्रमों से कानून का राज नष्ट होकर आमजन-जीवन भी प्रभावित होता है।  जिसके प्रति सभी सरकारों को तटस्थ व गंभीर होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तभी यहां लोगों को तनाव व हिंसक वातावरण से मुक्ति मिल पाएगी। विकास के लिए अराजकता पर अंकुश व कानून का आयरन राज जरूरी है। 

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ'' में दिखाते हुए एक समाचार प्रसारित करने के मामले में टेलीविजन समाचार प्रस्तोता रोहित रंजन को उनके घर से गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का एक दल मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचा, लेकिन उन्हें नोएडा पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया।  कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की पुलिस निजी समाचार चैनल ‘जी न्यूज' के समाचार प्रस्तोता रंजन के गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित घर पर तड़के पहुंची और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश के नोएडा का पुलिस दल इसके कुछ घंटे बाद उनके घर पहुंचा। छत्तीसगढ़ पुलिस सुबह करीब 5:30 बजे पहुंची, वहीं स्थानीय गाजियाबाद पुलिस एक घंटे बाद पहुंची और नोएडा पुलिस वहां सुबह आठ बजे के बाद पहुंची। नोएडा पुलिस के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि‘एक जुलाई को रंजन के शो के दौरान प्रसारित हुए छेड़छाड़ वाले वीडियो को लेकर उनके ही चैनल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।