लखीसराय हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, 19 संदिग्धों की तस्वीरें जारी
Police action intensifies in Lakhisarai violence case
लखीसराय। Police action intensifies in Lakhisarai violence case, शनिवार 25 जुलाई को विपक्षी दलों के छात्र संगठनों द्वारा आयोजित प्रतिरोध मार्च के दौरान समाहरणालय गेट पर हुई हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में लखीसराय पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने उपद्रव में शामिल 19 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों को पुलिस के आधिकारिक इंटरनेट मीडिया पेज पर अपलोड कर आम लोगों से उनकी पहचान बताने की अपील की गई है।
कबैया थाना में प्राथमिकी दर्ज
इधर, छात्र आंदोलन मामले में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं लखीसराय अंचल के राजस्व पदाधिकारी रौशन कुमार के बयान पर कबैया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दर्ज प्राथमिकी में युवा राजद के जिलाध्यक्ष विनय कुमार साव, छात्र नेता रौशन कुमार सिन्हा समेत 13 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है, जबकि 100 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस पर ईंट, पत्थर, डंडे से हमला
लखीसराय पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिरोध मार्च के दौरान समाहरणालय गेट एवं आसपास के क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप देने का प्रयास किया। उपद्रवियों ने पुलिस बल पर ईंट, पत्थर, डंडे, बोतलें एवं अन्य वस्तुओं से हमला किया। साथ ही आसपास खड़े निजी वाहनों में तोड़फोड़ कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की ड्रोन कैमरे एवं वीडियो के माध्यम से रिकॉर्डिंग कराई गई थी। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद 19 संदिग्धों की पहचान कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि जारी तस्वीरों में किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वालों का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान शुरू
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर चिह्नित अमहरा थाना क्षेत्र के विक्कम निवासी अनुज कुमार के पुत्र पीयूष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसे रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एसडीपीओ का कहना है कि इंटरनेट मीडिया, ड्रोन फुटेज, सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में साक्ष्य के आधार पर एक-एक आरोपित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्षी दलों के छात्र संगठनों ने प्रतिरोध मार्च निकाला
गौरतलब है कि नीट परीक्षा पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत 25 जुलाई को लखीसराय में विपक्षी दलों के छात्र संगठनों ने प्रतिरोध मार्च निकाला था।

प्रशासन द्वारा समाहरणालय गेट पर मार्च रोके जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान आसपास खड़े वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।
पथराव में महिला सिपाही वर्षा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उनके सिर में पत्थर लगने से गहरी चोट आई थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया था।